वाराणसी जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की बड़ी उपलब्धि: 156 संस्थान NQAS राष्ट्रीय स्तर पर प्रमाणित, गुणवत्ता सुधार में प्रदेश में अग्रणी
वाराणसी स्वास्थ्य संस्थानों की बड़ी उपलब्धि: जिले के 250 में से 156 सरकारी स्वास्थ्य संस्थान NQAS राष्ट्रीय स्तर पर प्रमाणित हुए, गुणवत्ता सुधार में प्रदेश में अग्रणी।
वाराणसी, 18 नवंबर 2025: धार्मिक और सांस्कृतिक राजधानी वाराणसी अब स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने में भी पूरे प्रदेश में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रही है। जिले में नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्टैंडर्ड (NQAS) प्रमाणन प्रक्रिया ने तेज गति पकड़ी है, जिसके चलते बड़ी संख्या में सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिली है।
इसकी जानकारी देते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉक्टर संदीप चौधरी ने बताया कि जिले में गुणवत्ता सुधार की दिशा में यह एक ऐतिहासिक उपलब्धि है।
NQAS प्रमाणन की वर्तमान स्थिति
जिले में राजकीय क्षेत्र में संचालित कुल 250 स्वास्थ्य संस्थानों में से 156 संस्थान राष्ट्रीय स्तर पर प्रमाणित हो चुके हैं। केवल 26 संस्थान ही अब प्रमाणन की तैयारी में शेष हैं।
| संस्थान का प्रकार | कुल संख्या | राष्ट्रीय प्रमाणित (NQAS) | राज्य प्रमाणित | तैयारी में/अन्य |
| जिला अस्पताल | 4 | 2 | 2 | 2 (तैयारी में) |
| सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) | 9 | 1 | 6 | 4 की तिथि निर्धारित |
| बीपीएचसी (BPHC) | (लागू नहीं) | 1 | 4 | – |
| शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (UPHC) | 29 | 9 | 10 | – |
| आयुष्मान आरोग्य मंदिर (AAM-SC) | 199 | 143 | 56 | – |
| कुल (250 में से) | 250 | 156 | 82 | 49 की तिथि निर्धारित, 26 तैयारी में |
NQAS प्रमाणन हेतु लंबित: 49 संस्थानों की तिथि निर्धारित हो चुकी है, जबकि 15 संस्थानों की रिपोर्ट लंबित है।
NQAS मूल्यांकन में शामिल प्रमुख सेवाएँ
NQAS प्रमाणन के लिए भारत सरकार द्वारा निर्धारित मूल्यांकन मानकों के अंतर्गत स्वास्थ्य संस्थानों में 12 प्रमुख सेवाओं का विस्तृत मूल्यांकन किया जाता है। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
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मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य देखभाल: गर्भावस्था, प्रसव देखभाल, नवजात एवं शिशु स्वास्थ्य देखभाल।
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निवारक एवं उपचारात्मक सेवाएँ: परिवार नियोजन, किशोर स्वास्थ्य सेवाएँ, वृद्धजन स्वास्थ्य देखभाल।
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रोग प्रबंधन: संक्रामक रोग प्रबंधन, गैर-संचारी रोगों की देखभाल, सामान्य रोगों का प्रबंधन।
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सहायक सेवाएँ: दवा एवं डायग्नोस्टिक सेवाएँ, मानसिक स्वास्थ्य सेवाएँ, प्रजनन स्वास्थ्य सेवाएँ।
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पुनर्वास: पालीएटिव एवं पुनर्वास सेवाएं।
मूल्यांकनकर्ता की रिपोर्ट के आधार पर भारत सरकार द्वारा संबंधित स्वास्थ्य संस्थान को NQAS प्रमाणन प्रमाणपत्र प्रदान किया जाता है।
सामूहिक प्रयासों का परिणाम
डॉ. चौधरी ने इस उपलब्धि को स्वास्थ्य विभाग, जिला प्रशासन तथा सभी स्वास्थ्य संस्थानों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित करता है कि अब आमजन को उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता बिना किसी बाधा के मिल सकेगी, जिससे जिले में स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति लोगों का भरोसा बढ़ेगा।