नासिक वर्जिनिटी टेस्ट सुसाइड: 'तेरा जरूर बॉयफ्रेंड होगा', पति ने कराया वर्जिनिटी टेस्ट; 7 पन्नों का सुसाइड नोट लिखकर दुल्हन ने दे दी जान

Nashik Virginity Test Suicide: नासिक में शादी के कुछ महीने बाद ही महिला ने आत्महत्या की। 7 पन्नों के सुसाइड नोट में पति पर 'वर्जिनिटी टेस्ट' कराने और अवैध संबंध की अश्लील फोटो दिखाने का आरोप लगाया।

Nov 28, 2025 - 10:26
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नासिक वर्जिनिटी टेस्ट सुसाइड: 'तेरा जरूर बॉयफ्रेंड होगा', पति ने कराया वर्जिनिटी टेस्ट; 7 पन्नों का सुसाइड नोट लिखकर दुल्हन ने दे दी जान

नासिक, महाराष्ट्र: महाराष्ट्र के नासिक से दहेज प्रताड़ना और अमानवीय संदेह का एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। शादी के महज कुछ महीने बाद ही नेहा (Nehha) नामक नवविवाहिता ने अपने पति और ससुराल वालों की प्रताड़ना से तंग आकर आत्महत्या कर ली। मरने से पहले, नेहा ने सात पन्नों का सुसाइड नोट लिखा है, जिसमें उसने ससुराल वालों पर कई सनसनीखेज और गंभीर आरोप लगाए हैं।

पुलिस ने मामले में तत्काल कार्रवाई करते हुए मृतका के पति और तीन ननदों के साथ सास को गिरफ्तार कर लिया है।


सुसाइड नोट में लिखा हर दर्द

मृतका नेहा बापू दावरे उर्फ नेहा संतोष पवार की शादी इसी साल 4 जून 2025 को हुई थी, और मात्र चार महीने बाद ही उनका जीवन यातना गृह बन गया।

  • वर्जिनिटी टेस्ट: सुसाइड नोट में नेहा ने सबसे गंभीर आरोप लगाया है कि उसके पति ने उस पर चरित्र संदेह किया और उसका वर्जिनिटी टेस्ट (Virginity Test) कराया। पति कहता था कि "तेरा जरूर बॉयफ्रेंड होगा।"

  • अवैध संबंध का आरोप: नेहा ने अपने पति पर अवैध संबंध चलाने का भी आरोप लगाया। उसने लिखा कि पति अपनी गर्लफ्रेंड की अश्लील फोटो उसे दिखाता था।

  • प्रताड़ना: नेहा ने लिखा, "थोड़ा-थोड़ा मरने से अच्छा है कि एक ही बार जान दे दी जाए।" यह दर्शाता है कि ससुराल की प्रताड़ना से वह किस कदर टूट चुकी थी।


पति और ससुराल वाले गिरफ्तार

नेहा की आत्महत्या के बाद पुलिस ने तुरंत सुसाइड नोट को कब्जे में लिया। सुसाइड नोट में लिखे गए खुलासे के आधार पर पुलिस ने:

  • आरोपी: नेहा के पति संतोष पंडित पवार और तीन ननदों के साथ उसकी सास को गिरफ्तार कर लिया है।

  • धाराएं: उन पर दहेज प्रताड़ना, आत्महत्या के लिए उकसाने और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

नासिक वर्जिनिटी टेस्ट सुसाइड की इस घटना ने समाज में महिलाओं पर होने वाले मानसिक उत्पीड़न और अंधविश्वास पर आधारित चरित्र संदेह की क्रूरता को उजागर किया है।