Al-Falah University ED Raid: अल-फलाह का ₹415 करोड़ का आर्थिक अपराध! ED की जांच में फंसी यूनिवर्सिटी पर फर्जीवाड़े और फीस से करोड़ों कमाने का खुलासा

अल-फलाह यूनिवर्सिटी के चेयरमैन जवाद अहमद सिद्दीकी को ED ने PMLA के तहत किया गिरफ्तार। जांच में ₹415 करोड़ की धोखाधड़ी और फर्जी मान्यता से फीस वसूलने का खुलासा।

Nov 19, 2025 - 13:53
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Al-Falah University ED Raid: अल-फलाह का ₹415 करोड़ का आर्थिक अपराध! ED की जांच में फंसी यूनिवर्सिटी पर फर्जीवाड़े और फीस से करोड़ों कमाने का खुलासा

नई दिल्ली: दिल्ली ब्लास्ट आतंकी मॉड्यूल से जुड़े अल-फलाह यूनिवर्सिटी की मुश्किलें अब आर्थिक अपराध के मोर्चे पर भी बढ़ गई हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने यूनिवर्सिटी के चेयरमैन-कम-चांसलर जवाद अहमद सिद्दीकी को मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून (PMLA) के तहत गिरफ्तार कर लिया है।

ईडी की जांच में खुलासा हुआ है कि अल-फलाह चेरिटेबल ट्रस्ट और उससे जुड़े शैक्षणिक संस्थानों ने छात्रों की फीस और अन्य माध्यमों से ₹415 करोड़ से अधिक की अवैध कमाई की और इस पैसे का इस्तेमाल निजी हितों के लिए किया गया। सिद्दीकी को साकेत कोर्ट ने 1 दिसंबर तक ईडी रिमांड में भेज दिया है।


छात्रों की फीस से ₹415 करोड़ की कमाई

ईडी की वित्तीय जांच में सामने आया कि अल-फलाह चेरिटेबल ट्रस्ट और इससे जुड़े संस्थान, जैसे अल-फलाह यूनिवर्सिटी और अल-फलाह स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, बड़े स्तर की कथित गड़बड़ियों में शामिल हैं।

  • नियंत्रण: सभी संस्थानों के बैंक खाते और ITR एक ही PAN (AAATA0235F) पर चलते हैं, जो दर्शाता है कि आर्थिक नियंत्रण पूरी तरह से चेयरमैन जवाद अहमद सिद्दीकी के हाथ में था।

  • कमाई का लेखा-जोखा: जांच एजेंसियों ने ITR रिकॉर्ड खंगाले, जिसमें FY 2018-19 से 2024-25 तक, शैक्षणिक फीस के नाम पर ट्रस्ट की कुल कमाई ₹415.10 करोड़ तक पहुंच गई।

  • निजी इस्तेमाल: आरोप है कि लोगों से ठगे गए पैसे और छात्रों की फीस को निजी और व्यक्तिगत इस्तेमाल में लगाया गया। लीगल और चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर ने भी यह माना कि वित्तीय मामलों का अंतिम फैसला सिद्दीकी ही लेते थे।


फर्जी मान्यता और धोखाधड़ी का शक

ईडी का कहना है कि कमाई का मुख्य जरिया छात्रों से ली जाने वाली फीस है। लेकिन, कई सालों तक संस्थान बिना उचित मान्यता (Accreditation) के चलते रहे।

  • जालसाजी: जांच एजेंसियों का आरोप है कि अवैध कमाई करने के लिए गलत मान्यता दिखाकर छात्रों को एडमिशन दिया गया और फर्जी दस्तावेज़ तैयार किए गए।

  • गंभीर आरोप: दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच की दो FIR (नंबर 337/2025 और 338/2025) के आधार पर ईडी ने यह जांच शुरू की है। यह पूरा मामला मनी लॉन्ड्रिंग और फर्जीवाड़े के दायरे में आता है, जिसके आधार पर जवाद अहमद सिद्दीकी को गिरफ्तार किया गया है।

ईडी रिमांड के दौरान इस आर्थिक अपराध से जुड़े कई और खुलासे होने की संभावना है।