SIR BLO Khudkhushi: बंगाल में SIR का खौफ! जलपाईगुड़ी में एक और BLO ने की आत्महत्या, ममता का दावा- 28 लोगों ने अब तक दी जान

SIR BLO Khudkhushi: पश्चिम बंगाल में SIR के अत्यधिक दबाव के चलते जलपाईगुड़ी में एक और BLO ने आत्महत्या की। ममता बनर्जी ने SIR BLO Khudkhushi पर दावा किया कि अब तक 28 लोग जान दे चुके हैं।

Nov 19, 2025 - 17:12
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SIR BLO Khudkhushi: बंगाल में SIR का खौफ! जलपाईगुड़ी में एक और BLO ने की आत्महत्या, ममता का दावा- 28 लोगों ने अब तक दी जान

कोलकाता: पश्चिम बंगाल में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का काम खौफ का पर्याय बनता जा रहा है। बुधवार को जलपाईगुड़ी के मालबाजार में एक और बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। इस दुखद घटना के बाद, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने SIR BLO Khudkhushi की घटनाओं पर कड़ा रुख अपनाते हुए दावा किया है कि इस अमानवीय प्रक्रिया के कारण अब तक 28 लोगों ने अपनी जान दे दी है

तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने चुनाव आयोग से SIR की प्रक्रिया को तत्काल समाप्त करने की मांग करते हुए इसके खिलाफ जंग का ऐलान कर दिया है। TMC का आरोप है कि बीएलओ पर दो महीने में काम पूरा करने का अमानवीय दबाव डाला जा रहा है।


काम के दबाव में टूटी एक और BLO

बुधवार सुबह जलपाईगुड़ी के मालबाजार में रंगामाटी ग्राम पंचायत के बूथ संख्या 101 पर कार्यरत BLO शांति मुनि उरांव (48) का लटकता हुआ शव उनके घर के पास बरामद हुआ।

  • परिवार का आरोप: शांति मुनि के पति सुखू एक्का ने आरोप लगाया कि उनकी पत्नी पर काम का अत्यधिक दबाव था। चूंकि वह बंगाली ठीक से पढ़-लिख नहीं पाती थीं, इसलिए उन्हें रोज़ाना परेशानियों का सामना करना पड़ता था।

  • इस्तीफे की कोशिश: पति का दावा है कि कुछ दिन पहले शांति मुनि ने मालबाजार ब्लॉक के संयुक्त बीडीओ के पास BLO के पद से इस्तीफा देने की कोशिश की थी, लेकिन उन्हें काम जारी रखने के लिए कहा गया।

  • लंबा काम: बेटे डिसूजा एक्का ने भी बताया कि उनकी माँ हमेशा दबाव में रहती थीं, क्योंकि उन्हें रोज़ सुबह 11 बजे से शाम 7 बजे तक काम करना पड़ता था।

राज्य के मंत्री बुलुचिक बड़ाइक ने मृतक BLO के घर जाकर परिवार को सांत्वना दी और कहा कि SIR के डर से आत्महत्या करने की यह नई घटना चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है।


ममता बनर्जी का गुस्सा: 28 लोगों की मौत का दावा

मालबाजार में SIR BLO Khudkhushi की खबर मिलते ही मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की।

  • स्तब्धता: उन्होंने लिखा, "मैं इस घटना से स्तब्ध हूं। SIR के लिए काम करते हुए एक BLO ने आत्महत्या कर ली। SIR शुरू होने के बाद से अब तक 28 लोगों की मौत हो चुकी है।"

  • अमानवीय दबाव: ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि जिस काम को पूरा होने में तीन साल लगते थे, वह अब राजनीतिक आकाओं को खुश करने के लिए दो महीने में कराया जा रहा है। उन्होंने पुनः इस 'अनियोजित' प्रक्रिया को समाप्त करने की मांग की।


बंगाल में क्यों है SIR का इतना खौफ?

SIR की प्रक्रिया पर टीएमसी के विरोध के बीच, भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी पहले ही दावा कर चुके हैं कि बंगाल में SIR होने के बाद एक करोड़ मतदाताओं के नाम कटेंगे, जो 'बांग्लादेशी या रोहिंग्या' हो सकते हैं। वहीं, चुनाव आयोग ने भी कहा था कि बंगाल में 34 लाख मतदाताओं के नाम कटेंगे क्योंकि वे आधार कार्ड धारक मृत पाए गए हैं।

SIR BLO Khudkhushi की लगातार हो रही ये घटनाएं पश्चिम बंगाल में इस पूरी प्रक्रिया पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न लगा रही हैं और चुनाव आयोग पर बढ़ते दबाव को दर्शाती हैं।