बाराबंकी लव स्टोरी अनोखा समझौता: पति संग किया 'अजीब एग्रीमेंट', 4 बच्चों को छोड़ बॉयफ्रेंड के पास चली गई विवाहिता, गाँव की पंचायत में हुआ फैसला
Barabanki Love Story Anokha Samjhauta: बाराबंकी में 4 बच्चों की मां ने पति को छोड़ प्रेमी के साथ रहने का फैसला किया। गांव की पंचायत में लिखित समझौता हुआ, बच्चों की जिम्मेदारी पति को सौंपी गई।
बाराबंकी, उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले से एक बेहद चौंकाने और चर्चा में रहने वाली 'अजब-गजब लव स्टोरी' सामने आई है। सिरौली गौसपुर तहसील के सहनीमऊ गांव में, चार बच्चों की माँ ने अपने पति और परिवार को छोड़कर अपने प्रेमी के साथ रहने का फैसला किया। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि यह फैसला गाँव की पंचायत की मौजूदगी में आपसी सहमति और लिखित समझौते के साथ हुआ है।
विवाहिता सोनी प्रजापति ने अपने चारों बच्चों की पूरी जिम्मेदारी पति रंजीत प्रजापति को सौंप दी और खुद प्रेमी के साथ रहने की इच्छा जताई।
डेयरी पर शुरू हुई थी प्रेम कहानी
यह अनोखी प्रेम कहानी सहनीमऊ गांव के डेयरी संचालक रंजीत प्रजापति के घर से शुरू हुई।
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प्रेम की शुरुआत: रंजीत गांव में दूध की डेयरी चलाते हैं। किन्तूर गांव का रहने वाला दीपक यादव रोजाना उनकी डेयरी पर दूध बेचने आता था। इसी दौरान, डेयरी संचालक की पत्नी सोनी और दीपक यादव के बीच नजदीकियां बढ़ीं और दोनों में प्यार हो गया।
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पारिवारिक विवाद: रंजीत और सोनी के बीच काफी समय से घरेलू विवाद चल रहा था, जिससे परेशान होकर दोनों ने अलग रहने का फैसला किया।
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पंचायत का फैसला: पति रंजीत ने लाख मिन्नतें कीं, लेकिन पत्नी सोनी प्रेमी के साथ रहने की जिद पर अड़ी रही। लंबी पंचायत के बाद, पति रंजीत ने स्वेच्छा से लिखित समझौता लिखवाकर सोनी को उसके प्रेमी दीपक यादव के हवाले कर दिया।
समझौते में बच्चों की जिम्मेदारी पति को
सोनी प्रजापति ने समझौते के दस्तावेज में साफ लिखा है कि वह अपनी इच्छा से पति रंजीत को छोड़कर किंतूर गांव के दीपक यादव के साथ पति-पत्नी की तरह रहेंगी।
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बच्चों का भविष्य: सोनी अपने चारों बच्चों को पति रंजीत के पास छोड़कर गई हैं। समझौते में साफ तौर पर लिखा है कि बच्चों की पूरी जिम्मेदारी अब पिता की होगी।
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कोई कानूनी शिकायत नहीं: दोनों पक्षों ने यह भी तय किया है कि भविष्य में इस मामले को लेकर कोई भी कानूनी शिकायत या कार्रवाई नहीं की जाएगी।
बदोसराय कोतवाली प्रभारी अजीत कुमार विद्यार्थी ने बताया कि यह मामला पुलिस के पास नहीं आया है और यह समझौता परिवार और गांव के स्तर पर ही तय किया गया है।