नोएडा प्राइमरी स्कूल मजदूरी: 'ईंट-पत्थर ढोते दिखे मासूम', चपरासी मजे से घूमता रहा; ग्रेटर नोएडा के प्राथमिक विद्यालय का Video Viral, शिक्षा विभाग की खुली पोल
Noida Primary School Mazdoori: ग्रेटर नोएडा के प्राथमिक विद्यालय में बच्चों से ईंट-पत्थर ढुलवाने का वीडियो वायरल। चपरासी पर लापरवाही का आरोप। अभिभावकों ने बीएसए से कड़ी कार्रवाई की मांग की।
ग्रेटर नोएडा, उत्तर प्रदेश: यूपी के ग्रेटर नोएडा से एक चौंकाने वाला वीडियो सामने आया है, जिसने शिक्षा विभाग की पोल खोलकर रख दी है। एक प्राथमिक विद्यालय में मासूम बच्चों से मजदूरी करवाई जा रही थी, जबकि स्कूल का चपरासी मजे से घूमता रहा। वीडियो वायरल होने के बाद अभिभावकों का गुस्सा भड़क उठा है और उन्होंने स्कूल प्रशासन पर बच्चों के अधिकारों के हनन का गंभीर आरोप लगाया है।
मासूमों से ढोए गए ईंट-पत्थर
वायरल वीडियो गांव के ही एक युवक ने बनाया है, जिसमें स्कूल की व्यवस्था और लापरवाही साफ दिखाई दे रही है।
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वीडियो में क्या: वीडियो में छोटे-छोटे बच्चे ईंटें उठाते, पत्थर ढोते और मजदूरी जैसा काम करते दिख रहे हैं।
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लापरवाही: हैरानी की बात यह है कि स्कूल में चपरासी मौजूद होने के बावजूद, न तो किसी टीचर ने और न ही प्रिंसिपल ने बच्चों से ऐसा काम करवाने से रोका।
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अभिभावकों का आरोप: गांव के लोगों का कहना है कि सफाई, ईंट-पत्थर ढोना और अन्य काम लगातार बच्चों से करवाए जा रहे हैं, जिससे उनकी पढ़ाई बाधित हो रही है और उनका शारीरिक और मानसिक शोषण भी हो रहा है।
बाल संरक्षण कानून का उल्लंघन
अभिभावकों का आरोप है कि स्कूल प्रशासन और प्रिंसिपल ने घोर लापरवाही बरती है। बच्चों से इस तरह जबरन काम करवाना बाल संरक्षण कानून, शिक्षा का अधिकार कानून (RTE) और स्कूल सुरक्षा मानकों का सीधा उल्लंघन है।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) से मांग की है कि वीडियो में दिख रहे जिम्मेदार लोगों पर कड़ी कार्रवाई की जाए और बच्चों की सुरक्षा तथा पढ़ाई के माहौल को तुरंत सुनिश्चित किया जाए।
बीएसए ने दिया जांच का आश्वासन
वीडियो वायरल होने के बाद जब बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) से इस मामले पर बात की गई, तो उन्होंने जांच का आश्वासन दिया।
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बीएसए का बयान: बीएसए ने कहा कि उनके संज्ञान में ऐसा कोई मामला सामने नहीं आया था, लेकिन "अगर कोई वीडियो इस तरह की है तो उसको संज्ञान लेकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।"
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कड़ी चेतावनी: उन्होंने साफ कहा कि बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।