UP में भवन निर्माण को लेकर नई गाइडलाइन: चौड़ी सड़कों पर अब मकान के साथ दुकान और बारात घर में पार्किंग अनिवार्य! जानिए बड़े बदलाव

Bhawan Nirmaan Ko Lekar Nai Guideline: UP में भवन निर्माण के नियमों में बड़ा बदलाव। अब चौड़ी सड़क पर मकान के साथ दुकान, बारात घर में पार्किंग अनिवार्य और छोटे भूखंडों पर नक्शे में छूट।

Nov 22, 2025 - 12:00
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UP में भवन निर्माण को लेकर नई गाइडलाइन: चौड़ी सड़कों पर अब मकान के साथ दुकान और बारात घर में पार्किंग अनिवार्य! जानिए बड़े बदलाव

लखनऊ, उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में भवन निर्माण को लेकर नई गाइडलाइन (Bhawan Nirmaan Ko Lekar Nai Guideline) जारी कर दी गई है। आवास एवं शहरी नियोजन विभाग ने निर्माण नियमों में कई अहम और बड़े बदलाव किए हैं, जिसका सीधा असर आम नागरिक, छोटे व्यापारी और बड़े बिल्डरों पर पड़ेगा। जुलाई में कैबिनेट की मंजूरी के बाद जारी इन नए आदेशों से अब शहरी क्षेत्रों में व्यावसायिक और आवासीय निर्माण करना पहले से अधिक सुगम और नियमों के दायरे में होगा।


आवासीय भवनों पर अब बन सकेंगी दुकानें

यह नया नियम छोटे व्यापारियों और आम नागरिकों के लिए सबसे बड़ा राहत भरा कदम है।

  • सड़क की चौड़ाई: 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में 24 मीटर चौड़ी सड़क पर और इससे कम आबादी वाले शहरों में 18 मीटर चौड़ी सड़क पर ही आवासीय भवनों के साथ व्यावसायिक निर्माण (दुकानें) की मंजूरी मिलेगी।

  • छोटे भूखंडों पर राहत: विकसित क्षेत्रों को छोड़कर, 100 वर्ग मीटर तक के आवासीय और 30 वर्ग मीटर तक के व्यावसायिक भूखंडों पर निर्माण कराने के लिए अब नक्शा पास कराना जरूरी नहीं होगा। हालांकि, निर्मित (Authorized) क्षेत्रों में यह छूट लागू नहीं होगी।

  • Trust-Based स्वीकृति: अप्रूव ले-आउट में 500 वर्ग मीटर के आवासीय और 200 वर्ग मीटर तक के व्यावसायिक भूखंडों के लिए ऑनलाइन जमा नक्शे को ट्रस्ट-बेस्ड स्वीकृति (Trust-Based Approval) मानी जाएगी।


बारात घर और पार्किंग के नियम

विभाग ने बारात घर, होटल और पेट्रोल पंप जैसे बड़े निर्माणों के लिए भी नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं।

  • बारात घर: अब 25,000 लोगों पर एक बारात घर बनाया जाएगा।

    • पहले बारात घर सिर्फ 750 वर्ग मीटर क्षेत्र में बन सकता था। अब 750 वर्ग मीटर का पक्का निर्माण होगा और इसके अलावा 1000 से 3000 वर्ग मीटर तक का खुला क्षेत्र रखना अनिवार्य होगा, जिसका उपयोग पार्किंग और लॉन के लिए होगा।

  • होटलों में पार्किंग: होटलों में पार्किंग की अनिवार्यता को कम किया गया है। अब 100 वर्ग मीटर फ्लोर एरिया पर 1.5 पार्किंग की जगह 1.25 पार्किंग की जरूरत होगी।

  • पोर्च और पोर्टिको: भवनों में अब पोर्च और पोर्टिको पहले से बड़े बनाए जा सकेंगे। इसकी साइज 6×3 मीटर से बढ़ाकर 8×4 मीटर कर दी गई है।

  • पेट्रोल पंप: अनिर्मित क्षेत्रों में बिना सर्विस स्टेशन वाले पेट्रोल पंप अब 18 मीटर चौड़ी सड़क पर लगाए जा सकेंगे, जबकि पहले 24 मीटर चौड़ाई की बाध्यता थी।


FAR, बेसमेंट और अन्य तकनीकी बदलाव

  • बेसमेंट की कंपाउंडिंग खत्म: 15 मीटर से ऊंचे भवनों में बने बेसमेंट की कंपाउंडिंग (Basement Compounding) की सुविधा खत्म कर दी गई है।

  • Differential FAR Benefit Charge: ऐसे भूखंड, जो अथॉराइज्ड या विकसित लेआउट के बाहर हैं और जिनका FAR सिर्फ विकास क्षेत्र को पुनर्गठित करने की वजह से बढ़ा है, उन्हें डिफ्रेंशियल एफएआर बेनिफिट चार्ज (Differential FAR Benefit Charge) नहीं देना होगा।

  • भूखंडों का बंटवारा: भूखंडों के बंटवारे के लिए सड़क की न्यूनतम चौड़ाई 9 मीटर तय की गई है।

इन नए भवन निर्माण को लेकर नई गाइडलाइन से उत्तर प्रदेश के शहरी विकास में पारदर्शिता आने और आम लोगों को छोटी निर्माण स्वीकृतियों में राहत मिलने की उम्मीद है।