Varanasi: *दाल मंडी में चल रहे ध्वस्तीकरण अभियान की कार्यवाही व दुकानदारों पर कथित अत्याचार के विरोध में अखिलेश यादव के निर्देश पर गठित टीम को एयरपोर्ट पर अरेस्ट किया गया। समाजवादी पार्टी की ओर से सियासी हलचल तेज।*
वाराणसी के दाल मंडी में चल रहे ध्वस्तीकरण अभियान के विरोध में अखिलेश यादव के निर्देश पर गठित सपा टीम को बाबतपुर एयरपोर्ट पर रोका गया। सांसद वीरेंद्र सिंह ने गिरफ्तारी पर जताया विरोध।
जिला रिपोर्टर विवेक यादव की रिपोर्ट
वाराणसी न्यूज! वाराणसी के दाल मंडी क्षेत्र में चल रहे ध्वस्तीकरण अभियान को लेकर सियासत गरमा गई है। दुकानदारों पर कथित अत्याचार के विरोध में समाजवादी पार्टी की ओर से गठित 11 सदस्यीय टीम को मंगलवार को बाबतपुर एयरपोर्ट पर ही रोक लिया गया। टीम का गठन सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर किया गया था।
जानकारी के अनुसार, दाल मंडी में चल रही कार्रवाई का जायजा लेने के लिए पार्टी प्रतिनिधिमंडल वाराणसी पहुंच रहा था। इसी क्रम में चंदौली के सांसद वीरेंद्र सिंह जब बाबतपुर एयरपोर्ट पहुंचे तो पुलिस प्रशासन ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। सांसद ने आरोप लगाया कि उन्हें बिना स्पष्ट कारण बताए हिरासत में लिया गया।
सांसद वीरेंद्र सिंह ने मीडिया से बातचीत में बताया कि वे पिछले दो दिनों से दिल्ली में डिफेंस से जुड़ी स्टैंडिंग कमेटी की बैठक में शामिल थे। बैठक समाप्त होने के बाद वे सीधे वाराणसी पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी के एमएलसी आशुतोष भी लखनऊ से वाराणसी आ रहे थे, लेकिन बाबतपुर चौकी पर उन्हें बैठा दिया गया, जबकि उन्हें स्वयं एयरपोर्ट पर ही रोक लिया गया।
वीरेंद्र सिंह ने कहा, “बिना कारण बताए मैं इस तरह की गिरफ्तारी स्वीकार नहीं करूंगा। यदि थाने ले जाना है तो पुलिस की गाड़ी से ले जाएं और लिखित रूप में कारण बताएं।” उन्होंने प्रशासन से मांग की कि गिरफ्तारी और रिहाई से संबंधित सभी तथ्यों की जानकारी दी जाए ताकि वे इसकी सूचना लोकसभा अध्यक्ष को दे सकें।
गौरतलब है कि दाल मंडी क्षेत्र में चल रहे ध्वस्तीकरण अभियान को लेकर व्यापारियों और स्थानीय लोगों में पहले से ही आक्रोश बताया जा रहा है। समाजवादी पार्टी ने इस कार्रवाई को दुकानदारों के साथ अन्याय बताते हुए विरोध दर्ज कराया है। वहीं पुलिस प्रशासन की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
इस घटनाक्रम के बाद प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सियासी टकराव बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।