बिजनौर निकाह इमाम ने रोका: सज-धज कर बैठी थी दुल्हन, इमाम ने कहा- ये निकाह नहीं हो सकता; 45 साल के दूल्हे और 15 साल की नाबालिग का खुला राज

Bijnor Nikah Imam Ne Roka: 45 साल के दूल्हे और 15 साल की नाबालिग दुल्हन का निकाह इमाम ने ऐन वक्त पर रोका। बाल विवाह और धार्मिक नियम के उल्लंघन पर बारात लौटी।

Dec 4, 2025 - 11:33
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बिजनौर निकाह इमाम ने रोका: सज-धज कर बैठी थी दुल्हन, इमाम ने कहा- ये निकाह नहीं हो सकता; 45 साल के दूल्हे और 15 साल की नाबालिग का खुला राज

बिजनौर, उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश के बिजनौर में एक निकाह समारोह में उस समय हड़कंप मच गया, जब निकाह पढ़ाने पहुंचे इमाम ने दूल्हा और दुल्हन की उम्र का पता चलने पर ऐन वक्त पर निकाह पढ़ाने से साफ इनकार कर दिया। इमाम ने दूल्हा पक्ष और घरातियों को कानूनी और धार्मिक नियमों की जानकारी दी, जिसके बाद दूल्हा बिना दुल्हन लिए ही बारात वापस लेकर लौट गया।


कम उम्र की दुल्हन और बार-बार जल्दी करने की जिद

  • घटना: मोहल्ला बक्शीवाला में स्योहारा से बारात आई थी। बारात में सिर्फ 25 लोग शामिल थे, जिसे देखकर ही लोगों में कानाफूसी शुरू हो गई थी।

  • शक: बारात में मौजूद एक व्यक्ति लगातार निकाह जल्द कराने की जिद कर रहा था, जबकि घराती चाहते थे कि पहले बारातियों को खाना खिलाया जाए। व्यक्ति की इस जिद से लोगों का शक गहराया।

  • खुलासा: औपचारिकताएं शुरू हुईं तो इमाम को पता चला कि दूल्हे की उम्र लगभग 45 साल है। उन्होंने दुल्हन का आधार कार्ड मंगवाया तो उसमें उम्र मात्र 15 वर्ष दर्ज मिली।


इमाम ने पढ़ाया कानून का पाठ

नाबालिग लड़की की उम्र देखते ही इमाम साहब ने तत्काल निकाह पढ़ाने से मना कर दिया।

  • इमाम का इनकार: इमाम ने घरवालों को बताया कि 15 साल की उम्र में निकाह कानूनी रूप से बाल विवाह की श्रेणी में आता है और यह धार्मिक नियमों के भी विरुद्ध है।

  • विवाद: पहले तो दूल्हा पक्ष ने हंगामा किया, लेकिन इमाम और स्थानीय लोगों की सख्ती के सामने उन्हें झुकना पड़ा और बारात वापस लौट गई।


दूल्हा पहले भी कर चुका था दो शादियां

  • जानकारी: बताया ये भी जा रहा है कि 45 साल का दूल्हा पहले भी दो शादियां कर चुका था, लेकिन दोनों बीवियों ने उसे छोड़ दिया था। वह तीसरी बार शादी करने जा रहा था।

बिजनौर निकाह इमाम ने रोका की यह घटना बाल विवाह और कानून के उल्लंघन के प्रयासों को उजागर करती है, जिसे इमाम की सूझबूझ से रोका जा सका।