दिल्ली चिड़ियाघर से सियार फरार: टूटी जाली का फायदा उठाकर बाड़े से निकले कई सियार, जंगल में दिखे; जून में भी भागे थे हिरण
Delhi Chidiya Ghar Se Siyar Farar: दिल्ली के चिड़ियाघर से टूटी जाली का फायदा उठाकर कई सियार बाड़े से निकलकर जंगल में भागे। सुरक्षा पर उठे सवाल, एक सियार पकड़ा गया, बाकी की तलाश जारी।
नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के राष्ट्रीय प्राणी उद्यान (National Zoological Park) की सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल उठे हैं। शनिवार रात को कई सियार अपने बाड़े से निकलकर चिड़ियाघर के आसपास के जंगल में भाग गए। यह घटना अजीमगंज सराय के पास टूटी हुई बाड़े की जाली के कारण हुई मानी जा रही है।
चिड़ियाघर प्रशासन ने एक सियार को पकड़ लिया है, लेकिन अभी भी कुछ सियार फरार हैं जिनकी तलाश के लिए बड़े पैमाने पर ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
बीट संख्या 10 से हुई चूक
सियार भागने की घटना शनिवार रात की बताई जा रही है। रविवार सुबह घने जंगल में तीन से चार सियार देखे गए।
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भागने का स्थान: सियार राष्ट्रीय प्राणी उद्यान के बीट संख्या 10 में, अजीमगंज सराय के पास स्थित ऑफ-डिस्प्ले सियार होल्डिंग जोन से भागे।
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चूक का कारण: अधिकारियों ने बताया कि बाड़े की बाउंड्री मोटी लोहे की जालियों से बनी है, लेकिन अजीमगंज सराय की ओर लगी जाली लंबे समय से कई जगह से टूटी हुई है, जिससे सियार बाहर निकल गए होंगे।
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बरामदगी: चिड़ियाघर की टीमें लगातार पूरे वन क्षेत्र में तैनात हैं। अब तक एक सियार को पकड़कर वापस बाड़े में लाया जा चुका है।
ट्रैंक्युलाइजेशन टीम हुई तैनात
बाकी फरार सियारों को सुरक्षित पकड़कर वापस बाड़े में लाने के लिए कर्मचारियों को तैनात किया गया है।
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सुरक्षा उपाय: प्रबंधन ने जाल के पिंजरे लगा दिए हैं और जरूरत पड़ने पर ट्रैंक्युलाइजेशन टीम (Tranquilization Team) को भी तैयार रखा गया है ताकि सियार को बेहोश करके सुरक्षित पकड़ा जा सके।
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जांच के आदेश: राष्ट्रीय प्राणी उद्यान के संयुक्त निदेशक को पूरे मामले की जांच करने और इसकी बारीकियों पर आधारित एक पूरी रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है।
सुरक्षा पर सवाल: पहले भी भागे थे हिरण
दिल्ली चिड़ियाघर से सियार फरार होने की यह घटना इसलिए भी चिंताजनक है क्योंकि इससे पहले जून के महीने में भी बीट नंबर 15 से करीब 6 हिरण बाड़े से बाहर आ गए थे और खुले में घूमते नजर आए थे। इन लगातार हो रही घटनाओं से चिड़ियाघर की सुरक्षा और रख-रखाव पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।