दिल्ली प्रदूषण SC संज्ञान: स्कूलों के बंद होने पर सुप्रीम कोर्ट ने लिया संज्ञान, शिक्षा मंत्रालय को किया तलब; प्रदूषण से बिगड़ी वकील की तबीयत
Delhi Pollution SC Sanjnan: सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली में प्रदूषण के चलते स्कूलों के बंद होने पर संज्ञान लिया। कोर्ट ने शिक्षा मंत्रालय के निदेशक को तलब किया और प्रदूषण से स्वास्थ्य समस्याओं पर चिंता जताई।
नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली में गंभीर वायु प्रदूषण के चलते सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को बड़ा आदेश दिया है। कोर्ट ने हवा में घुले ज़हर यानी प्रदूषण के कारण स्कूलों को बंद किए जाने के मद्देनजर शिक्षा मंत्रालय के निदेशक को तलब किया है। कोर्ट ने प्रदूषण के चलते लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहे असर पर गंभीर चिंता जताई है।
यह आदेश उस समय आया, जब एसआईआर (SIR) मामले में सुनवाई के दौरान, चुनाव आयोग के वकील राकेश द्विवेदी की कोर्ट में तबीयत बिगड़ गई।
वकील की तबीयत बिगड़ी, वर्चुअल सुनवाई की मांग
वरिष्ठ अधिवक्ता राकेश द्विवेदी ने कोर्ट में स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए एसआईआर की सुनवाई छोड़कर जाने की मांग की।
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द्विवेदी का बयान: उन्होंने कहा कि उन्हें कंजेशन (Congestion) की समस्या हो रही है। उन्होंने कोर्ट से वर्चुअल पेश होने की इजाजत भी मांगी।
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सिब्बल का समर्थन: वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने समर्थन करते हुए कहा, "हां, इस उम्र में हम इस प्रदूषित हवा में सांस ले रहे हैं। AQI बहुत ज़्यादा है।"
CJI बोले- "किसी को स्वास्थ्य से समझौता नहीं करना चाहिए"
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने मामले को गंभीरता से लेते हुए टिप्पणी की:
???? "किसी को भी स्वास्थ्य से समझौता नहीं करना चाहिए। पूर्व जजों में से एक को अभी स्ट्रोक हुआ है।"
सीजेआई ने वरिष्ठ अधिवक्ता राकेश द्विवेदी को अदालत से जाने की अनुमति दी और कहा कि वह इस मसले को ध्यान में रखेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि शाम को प्रदूषण बहुत होता है, इसलिए वह खुद शाम को टहलते हैं।
लोकतंत्र और समानता पर चर्चा
सीजेआई ने संकेत दिया कि यदि वर्चुअल सुनवाई का कोई प्रस्ताव मिलता है, तो वह बार को विश्वास में लेंगे।
वहीं, बिहार एसआईआर मामले पर कपिल सिब्बल ने कहा, "आप जो फैसला लेंगे, वही भारत में लोकतंत्र का भविष्य तय करेगा। हमारी लड़ाई सिर्फ राजनीतिक आज़ादी के बारे में नहीं थी, बल्कि समानता और सार्वभौमिक मताधिकार के बारे में थी।"