FEO Act रिकवरी नीरव माल्या: भगोड़े आर्थिक अपराधियों पर चला 'FEO Act' का हंटर, अब तक हुई ₹19,187 करोड़ की रिकॉर्ड वसूली; लोकसभा में दी गई जानकारी
FEO Act Recovery Nirav Mallya: सरकार ने 15 भगोड़े आर्थिक अपराधियों से अब तक ₹19,187 करोड़ की रिकॉर्ड वसूली की। लोकसभा में दी गई जानकारी, नीरव मोदी और विजय माल्या शामिल।
नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने भगोड़े आर्थिक अपराधी अधिनियम (Fugitive Economic Offenders Act - FEO Act), 2018 के तहत चल रही कार्रवाई पर लोकसभा में बड़ी जानकारी दी है। सरकार ने बताया है कि देश के 15 घोषित भगोड़े आर्थिक अपराधियों, जिनमें नीरव मोदी और विजय माल्या शामिल हैं, से इस साल अक्टूबर तक ₹19,187 करोड़ की रिकॉर्ड वसूली की गई है।
यह राशि पब्लिक सेक्टर बैंकों को हुए कुल ₹26,645 करोड़ (ब्याज के साथ ₹31,437 करोड़) के नुकसान का एक बड़ा हिस्सा है, जो FEO एक्ट की प्रभावशीलता को दर्शाता है।
FEO Act: 15 भगोड़े, 72% रिकवरी
वित्त मंत्रालय द्वारा लोकसभा में दिए गए आंकड़ों के अनुसार, नीरव मोदी, विजय माल्या, नितिन संदेसरा समेत 15 आर्थिक भगोड़ों को FEO Act के तहत घोषित किया जा चुका है।
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कुल नुकसान: पब्लिक सेक्टर बैंकों को मूल रूप से ₹26,645 करोड़ का नुकसान हुआ था।
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कुल वसूली: 31 अक्टूबर 2025 तक ₹19,187 करोड़ वसूल किए गए।
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रिकवरी दर: बैंकों को हुए मूल नुकसान का यह लगभग 72% है।
घोषित भगोड़े और वसूली का ब्योरा
निम्न तालिका प्रमुख भगोड़ों और बैंकों को हुई हानि के संबंध में वसूली का विवरण दर्शाती है (31 अक्टूबर 2025 तक वसूल की गई रकम):
| बैंक का नाम | घोषित भगोड़ा आर्थिक अपराधी का नाम | मूल NPA राशि (₹ करोड़) | वसूल की गई रकम (₹ करोड़) |
| बैंक ऑफ बड़ौदा | विजय माल्या (Kingfisher Airlines) | 494.33 | 995.55 |
| पंजाब नेशनल बैंक | विजय माल्या – किंगफिशर एयरलाइंस | 899.56 | 946.17 |
| बैंक ऑफ इंडिया | विजय माल्या | 565.45 | 974.38 |
| पंजाब नेशनल बैंक | नीरव मोदी – फायरस्टार इंटरनेशनल | 237.35 | 48.36 |
| बैंक ऑफ महाराष्ट्र | नीरव मोदी | 137.19 | 67.36 |
| केनरा बैंक | नीरव मोदी (फायरस्टार इंटरनेशनल) | 84.35 | 5.61 |
| बैंक ऑफ इंडिया | नितिन, चेतन, दीप्ति संदेसरा | 1,392.78 | 424.35 |
| पंजाब नेशनल बैंक | संदेसरा (स्टर्लिंग बायोटेक) | 211.57 | 46.99 |
| सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया | नीरव मोदी | 127.30 | 23.02 |
सरकार से पूछे गए सवाल
सरकार से यह भी सवाल किया गया था कि क्या भविष्य में ऐसे इकोनॉमिक ऑफेंडर्स को देश छोड़ने से पहले कानूनी तौर पर बैन करने या वॉच लिस्ट में डालने के लिए कोई पॉलिसी बनाई जा रही है।
FEO Act रिकवरी नीरव माल्या की यह कार्रवाई दिखाती है कि सरकार बड़े आर्थिक भगोड़ों की संपत्ति जब्त करने और बैंकों को नुकसान की भरपाई कराने के लिए गंभीर है।