गोरखपुर सिलीगुड़ी एक्सप्रेस-वे बिहार: चंपारण को मिलेगी 'रफ्तार', 520 KM का एक्सप्रेस-वे 56 गांवों से गुजरेगा; 8 जिलों की कनेक्टिविटी सुधरेगी
Gorakhpur Siliguri Expressway Bihar: बिहार में ₹32000 करोड़ की लागत से 520 KM लंबा एक्सप्रेस-वे। पूर्वी चंपारण समेत 8 जिलों को मिलेगी रफ्तार। दिल्ली से पटना का सफर होगा आसान।
पटना, बिहार: बिहार के लिए एक बड़ी सौगात! केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेस-वे जल्द ही बिहार के पूर्वी चंपारण समेत 8 जिलों से होते हुए गुजरेगा, जिससे राज्य की कनेक्टिविटी और औद्योगिक विकास को अभूतपूर्व गति मिलेगी। यह ग्रीनफील्ड परियोजना पूर्वी चंपारण के करीब 56 गांवों को जोड़ेगी।
इस 520 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेस-वे के निर्माण पर करीब ₹32,000 करोड़ की राशि खर्च होनी है। प्रशासनिक स्तर पर 491.12 हेक्टेयर भूमि के अधिग्रहण की कार्रवाई तेज़ कर दी गई है।
600 KM कम होगी दूरी, 120 किमी/घंटा की रफ्तार
इस एक्सप्रेस-वे का सबसे बड़ा लाभ यात्रा के समय और दूरी में होने वाली भारी कमी है।
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दूरी में कमी: इस एक्सप्रेस-वे से सिलीगुड़ी और गोरखपुर के बीच की दूरी लगभग 600 किलोमीटर तक कम हो जाएगी।
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रफ्तार: यात्रा करने वाले वाहनों की रफ्तार 120 किमी प्रति घंटा होगी, जिससे परिवहन की आवाजाही सरल और कम समय में पूरी हो जाएगी।
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ग्रीनफील्ड परियोजना: यह एक्सप्रेस-वे पूरी तरह से ग्रीनफील्ड में तैयार किया जाएगा, यानी यह शहरी आबादी से अलग से होकर गुजरेगा, जिससे भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में कम परेशानी होगी।
पूर्वी चंपारण के 8 जिलों को जोड़ेगा
ट्रैवल एंड टूर एक्सपर्ट विवेक पांडे के अनुसार, यह एक्सप्रेस-वे बिहार के 8 महत्वपूर्ण जिलों से होकर गुजरेगा:
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शामिल जिले: पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, शिवहर, सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल, अररिया और किशनगंज।
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गांव और प्रखंड: यह मार्ग राज्य के 39 प्रखंडों और 313 गांवों से होकर गुजरेगा।
विकास और रोजगार को मिलेगी रफ्तार
अधिकारियों का मानना है कि इस परियोजना के पूरा होने से पूर्वी चंपारण के 8 जिलों के अलावा आसपास के इलाकों में औद्योगिक और विकास की रफ्तार तेज होगी।
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रोजगार: जिस क्षेत्र से भी होकर यह एक्सप्रेस-वे गुजरेगा, वहां विकास को रफ्तार मिलेगी, जिससे आसपास के क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर बनेंगे और स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।