ग्रेटर नोएडा गंगाजल परियोजना: खुशखबरी! ग्रेटर नोएडा के 54 सेक्टर्स तक पहुंचा गंगाजल; ग्रेनो वेस्ट में मार्च 2026 तक साफ पेयजल पहुंचाने का लक्ष्य
Greater Noida Gangajal Pariyojna: ग्रेटर नोएडा के 54 सेक्टर्स में गंगाजल सप्लाई शुरू। ग्रेनो वेस्ट में मार्च 2026 तक साफ पेयजल पहुंचाने का लक्ष्य। TDS घटकर 250-300 होगा।
ग्रेटर नोएडा, उत्तर प्रदेश: ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी द्वारा शुरू की गई बहुप्रतीक्षित गंगाजल सप्लाई परियोजना अब धरातल पर उतरने लगी है। अधिकारियों के अनुसार, ग्रेटर नोएडा क्षेत्र के 54 सेक्टर्स में गंगाजल की आपूर्ति सफलतापूर्वक शुरू कर दी गई है। वहीं, लाखों लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर यह है कि ग्रेटर नोएडा वेस्ट (ग्रेनो वेस्ट) में भी मार्च 2026 तक साफ पेयजल पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।
ग्रेटर नोएडा गंगाजल परियोजना पर करीब 850 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं और यह परियोजना 17 साल के लंबे संघर्ष के बाद अब तेजी से पूरी की जा रही है।
ग्रेनो वेस्ट में प्राथमिकता, काम में तेजी
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पाइपलाइन का विस्तार: ग्रेटर नोएडा और नोएडा अथॉरिटी ने मिलकर 166 किलोमीटर लंबे पाइपलाइन नेटवर्क का काम शुरू किया था, जिसमें से 150 किमी पाइपलाइन पूरी तरह बिछ चुकी है।
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वर्तमान सप्लाई: सेक्टर 1, 2, 3, 4, 5, 10, 12 समेत कुल 54 सेक्टरों में गंगाजल की आपूर्ति शुरू हो चुकी है।
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ग्रेनो वेस्ट टारगेट: ग्रेनो वेस्ट के कई पॉकेट, सेक्टर 2, सेक्टर 3, टेक जोन 4 समेत बाकी की जगहों में मार्च 2026 तक गंगाजल आने की पूरी उम्मीद है।
चूँकि ग्रेनो वेस्ट में आबादी सबसे ज्यादा है और पानी की गुणवत्ता खराब है (अधिकांश निवासी RO पर निर्भर हैं), इसलिए इस क्षेत्र को फर्स्ट प्रायरिटी जोन बनाया गया है। अथॉरिटी पहली बार गंगाजल को ग्रामीण क्षेत्रों में भी पहुंचाने के लिए काम कर रही है।
गंगाजल आने के बड़े फायदे
गंगाजल आने से ग्रेटर नोएडा के निवासियों को पानी की गुणवत्ता में बड़ा सुधार मिलेगा:
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खारे पानी की समाप्ति: खारे पानी की समस्या खत्म हो जाएगी और RO फिल्टर पर निर्भरता कम होगी।
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TDS स्तर में सुधार: पानी का TDS (Total Dissolved Solids) 900-1200 से घटकर 250-300 तक आ जाएगा, जो पीने के लिए बेहतर माना जाता है।
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अन्य लाभ: कपड़ों और बर्तनों पर जमा होने वाला 'स्केल' कम होगा, घरों की पाइपलाइन में ब्लॉकेज की समस्या कम होगी, और त्वचा तथा बालों की समस्याओं से राहत मिलेगी।