भगवानपुर वार्ड में जल संकट को लेकर ग्रामीणों का प्रदर्शन, जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन
वाराणसी के भगवानपुर वार्ड 76 में जल संकट से परेशान ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर पानी की टंकी निर्माण और विद्युत उपकेंद्र पर रोक लगाने की मांग की।
वाराणसी। भगवानपुर वार्ड संख्या 76 में पिछले कई वर्षों से जारी जल संकट को लेकर स्थानीय ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। इसी क्रम में प्रार्थी शनि देव पटेल के नेतृत्व में ग्रामवासियों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर समस्या के समाधान की मांग की।
ग्रामीणों ने मीडिया से बातचीत में बताया कि वार्ड संख्या 76 में पिछले लगभग 10 वर्षों से पानी की गंभीर समस्या बनी हुई है, लेकिन अब तक इसका कोई स्थायी समाधान नहीं हो सका है। उन्होंने आरोप लगाया कि क्षेत्र के पार्षद अमित सिंह (चिंटू) ने चुनाव के दौरान जल समस्या के समाधान का वादा किया था, लेकिन उनके कार्यकाल के तीन वर्ष बीत जाने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है।
ग्रामवासियों ने अपनी प्रमुख समस्याओं को विस्तार से बताते हुए कहा कि आराजी संख्या 175 की सरकारी जमीन को पहले पानी की टंकी निर्माण के लिए खाली कराया गया था, लेकिन अब उसी स्थान पर 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र का निर्माण किया जा रहा है, जिसकी स्थानीय लोगों को आवश्यकता नहीं है।
ग्रामीणों ने यह भी चिंता जताई कि प्रस्तावित स्थल पर करीब 100 वर्ष पुराना पाकड़ी का पेड़ स्थित है, साथ ही पास में एक सरकारी प्राथमिक विद्यालय भी है, जहां छोटे-छोटे बच्चे पढ़ते और खेलते हैं। ऐसे में विद्युत उपकेंद्र के निर्माण से पर्यावरण और बच्चों की सुरक्षा पर खतरा उत्पन्न हो सकता है।
इसके अलावा, ग्रामीणों का कहना है कि घनी आबादी वाले क्षेत्र में विद्युत उपकेंद्र स्थापित होने से निकलने वाले विद्युत प्रभाव और कंपन से लोगों के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल असर पड़ सकता है। उन्होंने हृदय, मानसिक और नेत्र रोग जैसी गंभीर बीमारियों की आशंका जताई।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि इस संबंध में पार्षद और विधायक को कई बार अवगत कराया गया, लेकिन केवल आश्वासन ही मिला, कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इसके बावजूद उपकेंद्र का उद्घाटन भी कर दिया गया, जिसे ग्रामीणों ने अनुचित बताया।
स्थानीय लोगों ने यह भी सुझाव दिया कि यदि उक्त भूमि पर पानी की टंकी और बारात घर का निर्माण किया जाए, तो क्षेत्र की कई समस्याओं का समाधान हो सकता है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि उनकी समस्याओं का शीघ्र समाधान किया जाए और जनहित को प्राथमिकता दी जाए।