बरेली लल्ला गद्दी हिस्ट्रीशीट: माफिया अशरफ के करीबी पर पुलिस की टेढ़ी नजर, उमेश पाल हत्याकांड के शूटरों से मुलाकात कराने का आरोप; हर मूवमेंट पर निगरानी
Bareilly Lalla Gaddi History Sheet: माफिया अशरफ के करीबी लल्ला गद्दी उर्फ मोहम्मद रजा लाल की पुलिस ने हिस्ट्रीशीट खोली। उमेश पाल के शूटरों से मुलाकात कराने और रंगदारी समेत 10 से ज्यादा मुकदमे दर्ज।
बरेली, उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में अपराध पर नकेल कसते हुए पुलिस ने माफिया अशरफ के करीबी माने जाने वाले लल्ला गद्दी उर्फ मोहम्मद रजा लाल पर बड़ी कार्रवाई की है। बरादरी पुलिस ने न केवल उस पर पहले से लगा गुंडा एक्ट बरकरार रखा है, बल्कि अब उसकी हिस्ट्रीशीट भी खोल दी गई है।
एसएसपी अनुराग आर्य ने लल्ला गद्दी की हर गतिविधि पर लगातार और कड़ी निगरानी रखने के आदेश जारी किए हैं। लल्ला गद्दी पर अशरफ को जेल में अवैध सुविधाएं दिलाने और उमेश पाल हत्याकांड के शूटरों की अशरफ से मुलाकात कराने जैसे गंभीर आरोप हैं।
अशरफ के साले सद्दाम से थी गहरी दोस्ती
लल्ला गद्दी मूल रूप से चक महमूदका का निवासी है। पुलिस जांच में उसके आपराधिक नेटवर्क का खुलासा हुआ:
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करीबी संबंध: जांच में पता चला कि लल्ला गद्दी की करीबी दोस्ती माफिया अशरफ के साले सद्दाम से हो गई थी। दोनों के बीच अच्छे संबंध बनने के बाद कई अवैध कामों की शुरुआत हुई।
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शूटरों से मुलाकात: जांच में सबसे बड़ा खुलासा यह हुआ कि उमेश पाल हत्याकांड से पहले प्रयागराज से आए शूटरों की मुलाकात बरेली जेल में बंद अशरफ से कराने में लल्ला गद्दी और सद्दाम की अहम भूमिका थी।
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जमीनों में निवेश: पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, लल्ला गद्दी ने सद्दाम के पैसों को बरेली की जमीनों में निवेश कराने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
दस से ज्यादा मुकदमे दर्ज, पुलिस की मॉनिटरिंग
अशरफ को अवैध मदद पहुंचाने के आरोप में पुलिस ने लल्ला गद्दी और उसके कई साथियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
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आपराधिक इतिहास: लल्ला गद्दी पर हत्या, रंगदारी, धमकी और गैंगस्टर एक्ट जैसे गंभीर मामलों समेत दस से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं।
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एसएसपी का आदेश: बरादरी पुलिस द्वारा तैयार की गई आपराधिक जानकारी की रिपोर्ट को एसएसपी अनुराग आर्य ने गंभीर मानते हुए तुरंत लल्ला गद्दी की हिस्ट्रीशीट खोलने के आदेश जारी किए।
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कड़ी निगरानी: हिस्ट्रीशीट खुलने के बाद अब पुलिस उसकी हर छोटी-बड़ी हरकत, पुराने संपर्क, नए रिश्ते, और संदिग्ध लेनदेन की लगातार मॉनिटरिंग करेगी, ताकि इलाके में अपराध पर नकेल कसी जा सके।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हिस्ट्रीशीट खुलने से अपराधी की गतिविधियों पर नजर रखना और अपराध को रोकना आसान हो जाता है।