हरहुआ ब्लॉक में टीबी जांच शिविर आयोजित, 104 लोगों की AI आधारित एक्स-रे स्क्रीनिंग

हरहुआ ब्लॉक के सरसवां गांव में राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के तहत आयोजित टीबी जांच शिविर में 104 लोगों की एआई आधारित एक्स-रे जांच की गई। तीन लोगों में टीबी के संभावित लक्षण मिलने पर उनके नमूने जांच के लिए भेजे गए।

Jun 6, 2026 - 11:44
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हरहुआ ब्लॉक में टीबी जांच शिविर आयोजित, 104 लोगों की AI आधारित एक्स-रे स्क्रीनिंग

वाराणसी, 04 जून 2026।

राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के तहत एचएलएफ पीपीटी (HLFPPT) संस्था के सहयोग से हरहुआ ब्लॉक के सरसवां एवं आसपास के गांवों में विशेष टीबी जागरूकता एवं जांच शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में टीबी के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ संभावित मरीजों की समय रहते पहचान करना था।

शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया और टीबी जांच कराई। स्वास्थ्य विशेषज्ञों द्वारा लोगों को टीबी के लक्षण, बचाव के उपाय, समय पर जांच और नियमित उपचार के महत्व के बारे में जानकारी दी गई। साथ ही बताया गया कि टीबी का इलाज पूरी तरह संभव है और सरकार द्वारा इसकी जांच एवं उपचार की सुविधाएं निःशुल्क उपलब्ध कराई जाती हैं।

कार्यक्रम के दौरान कुल 104 संभावित व्यक्तियों की एआई (AI) आधारित डिजिटल एक्स-रे जांच की गई। जांच में 3 व्यक्तियों में टीबी के संभावित संकेत पाए गए। इन सभी लोगों के बलगम के नमूने आगे की पुष्टि के लिए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र भेजे गए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद आवश्यकतानुसार उनका उपचार शुरू किया जाएगा।

स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया कि शिविर में उपलब्ध सभी सेवाएं पूरी तरह निःशुल्क थीं। यदि किसी व्यक्ति में टीबी की पुष्टि होती है, तो उसकी सभी आवश्यक जांच, दवाएं और उपचार सरकार की ओर से बिना किसी शुल्क के उपलब्ध कराया जाएगा।

शिविर के दौरान जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. पीयूष राय, हरहुआ स्वास्थ्य केंद्र से विवेक चौरसिया एवं मुन्ना लाल उपस्थित रहे। वहीं एचएलएफ पीपीटी संस्था की ओर से चंद्रशेखर मिश्र, तकनीशियन दीपक तथा मोहम्मद अहमद ने सक्रिय भूमिका निभाई।

इस अवसर पर जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. पीयूष राय ने बताया कि टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत चल रहे 100 दिवसीय विशेष अभियान के तहत जिले के विभिन्न ब्लॉकों में इस प्रकार के शिविर लगातार आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि एआई आधारित एक्स-रे तकनीक के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में छिपे हुए टीबी रोगियों की शीघ्र पहचान संभव हो रही है, जिससे उन्हें समय पर उपचार उपलब्ध कराया जा सके।

उन्होंने आमजन से अपील करते हुए कहा कि यदि किसी व्यक्ति को दो सप्ताह से अधिक समय तक खांसी, लगातार बुखार, वजन कम होना, भूख न लगना या अत्यधिक कमजोरी जैसी समस्याएं हों तो वह तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर जांच कराए।