विश्व पर्यावरण दिवस पर महिलाओं ने लिया पर्यावरण संरक्षण का संकल्प

विश्व पर्यावरण दिवस पर ग्राम पंचायत सांईपुर में श्री लक्ष्मीकुंड फाउंडेशन ने जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। महिलाओं, बच्चों और किशोरियों ने पर्यावरण संरक्षण, जल बचाने और वृक्षारोपण का संकल्प लिया।

Jun 6, 2026 - 11:49
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विश्व पर्यावरण दिवस पर महिलाओं ने लिया पर्यावरण संरक्षण का संकल्प

वाराणसी, 05 जून 2026।

विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर ग्राम पंचायत सांईपुर में श्री लक्ष्मीकुंड फाउंडेशन द्वारा जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में स्वयं सहायता समूह की महिलाओं, बच्चों, किशोरियों एवं अभिभावकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और पर्यावरण संरक्षण का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों को पर्यावरण के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। वक्ताओं ने बताया कि पर्यावरण हमारे जीवन का आधार है। स्वच्छ हवा, शुद्ध जल, हरियाली और प्राकृतिक संसाधनों के बिना जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती। इसलिए पर्यावरण की सुरक्षा और संरक्षण प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है।

इस अवसर पर महिलाओं की भूमिका को विशेष रूप से रेखांकित किया गया। बताया गया कि महिलाएं परिवार और समाज दोनों की आधारशिला होती हैं। वे जल संरक्षण, स्वच्छता, वृक्षारोपण और प्लास्टिक के कम उपयोग जैसी आदतों को अपनाकर परिवार और समुदाय को पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रेरित कर सकती हैं।

कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाएं वन संरक्षण, जल संरक्षण और स्वच्छता अभियानों में सक्रिय भागीदारी निभा रही हैं। साथ ही बच्चों और किशोरियों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता विकसित करने में भी महिलाओं का योगदान महत्वपूर्ण है।

वक्ताओं ने कहा कि यदि प्रत्येक महिला पर्यावरण संरक्षण का संकल्प ले और अपने परिवार को भी इसके लिए प्रेरित करे, तो समाज और देश को अधिक स्वच्छ, स्वस्थ और हरित बनाया जा सकता है।

कार्यक्रम के अंत में उपस्थित महिलाओं, बच्चों और अभिभावकों ने पर्यावरण संरक्षण, जल बचाने, अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा प्लास्टिक के उपयोग को कम करने का संकल्प लिया। सभी ने एक स्वर में कहा कि पर्यावरण की रक्षा केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हम सभी का सामूहिक दायित्व है

श्री लक्ष्मीकुंड फाउंडेशन द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।