टीबी मुक्त भारत अभियान को मिली नई रफ्तार, सेवापुरी में 5 दिनों में 585 ग्रामीणों की डिजिटल एक्स-रे जांच

सेवापुरी ब्लॉक में टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत पांच दिवसीय डिजिटल एक्स-रे स्क्रीनिंग अभियान में 585 ग्रामीणों की जांच की गई। स्वास्थ्य विभाग ने टीबी की शीघ्र पहचान और जागरूकता पर दिया जोर।

Jun 6, 2026 - 11:40
 0
टीबी मुक्त भारत अभियान को मिली नई रफ्तार, सेवापुरी में 5 दिनों में 585 ग्रामीणों की डिजिटल एक्स-रे जांच

वाराणसी, 05 जून 2026।

प्रधानमंत्री के टीबी मुक्त भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में वाराणसी के सेवापुरी ब्लॉक में स्वास्थ्य विभाग द्वारा विशेष डिजिटल एक्स-रे स्क्रीनिंग अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में संभावित टीबी मरीजों की समय रहते पहचान कर उन्हें निःशुल्क जांच और उपचार सेवाओं से जोड़ा जा रहा है।

अभियान के तहत शुक्रवार को ग्राम पंचायत सत्तनपुर केंद्र अंतर्गत पुरवा खमौना में विशेष डिजिटल एक्स-रे स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का निरीक्षण जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. पीयूष राय ने किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने डिजिटल एक्स-रे जांच, टीबी स्क्रीनिंग गतिविधियों और जन-जागरूकता कार्यक्रमों का जायजा लिया तथा स्वास्थ्यकर्मियों और सहयोगी संस्थाओं के प्रयासों की सराहना की।

शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणों की डिजिटल एक्स-रे जांच की गई, जिससे टीबी के संभावित रोगियों की पहचान की जा सके। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग और पिरामल फाउंडेशन की संयुक्त टीम ने ग्रामीणों को टीबी के लक्षण, संक्रमण से बचाव, निःशुल्क उपचार सुविधाओं और उपचार को बीच में न छोड़ने के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

पांच दिवसीय अभियान की उपलब्धियां

सेवापुरी ब्लॉक में 1 जून से 5 जून 2026 तक चले विशेष अभियान के अंतर्गत विभिन्न ग्राम पंचायतों में डिजिटल एक्स-रे जांच शिविर आयोजित किए गए।

01 जून – लोहराडीह

02 जून – बाराडीह

03 जून – बिहड़ा

04 जून – छतेरी मनापुर

05 जून – सत्तनपुर-खमौना

इन पांच दिनों में कुल 585 ग्रामीणों की डिजिटल एक्स-रे जांच की गई, जो अभियान की महत्वपूर्ण उपलब्धि रही।

इस अवसर पर डॉ. अमित कुमार सिंह ने बताया कि सेवापुरी ब्लॉक में टीबी उन्मूलन के लिए घर-घर स्क्रीनिंग, संवेदनशील वर्गों की पहचान, डिजिटल एक्स-रे जांच, बलगम परीक्षण तथा निःशुल्क उपचार सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि टीबी की समय पर पहचान और नियमित उपचार से मरीज पूरी तरह स्वस्थ हो सकता है तथा संक्रमण के प्रसार को भी रोका जा सकता है।

उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि किसी व्यक्ति को दो सप्ताह से अधिक समय तक खांसी, लगातार बुखार, वजन कम होना, भूख न लगना, अत्यधिक कमजोरी या रात में पसीना आने जैसे लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर निःशुल्क जांच कराएं।

स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि सेवापुरी ब्लॉक में चलाया जा रहा यह विशेष अभियान न केवल टीबी के प्रति जागरूकता बढ़ा रहा है, बल्कि संभावित मरीजों की शीघ्र पहचान कर उन्हें उपचार से जोड़ने में भी प्रभावी साबित हो रहा है। विभाग ने जनसहयोग और सामुदायिक सहभागिता के बल पर "टीबी मुक्त सेवापुरी, टीबी मुक्त वाराणसी और टीबी मुक्त भारत" के लक्ष्य को हासिल करने की प्रतिबद्धता दोहराई है।