काशी में हार्ट इंडिया कॉन्क्लेव का 11वां संस्करण शुरू: युवाओं में हार्ट अटैक पर विशेषज्ञ चिंतित (हार्ट इंडिया कॉन्क्लेव)

हार्ट इंडिया कॉन्क्लेव का 11वां संस्करण काशी में शुरू। 100+ कार्डियोलॉजिस्ट ने युवाओं में बढ़ते हाइपरटेंशन और हार्ट अटैक पर चिंता जताई। जिम जाने से पहले ECG और 2D Echo कराने की सलाह।

Nov 16, 2025 - 16:28
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काशी में हार्ट इंडिया कॉन्क्लेव का 11वां संस्करण शुरू: युवाओं में हार्ट अटैक पर विशेषज्ञ चिंतित (हार्ट इंडिया कॉन्क्लेव)

वाराणसी: काशी, जो हमेशा से ज्ञान का केंद्र बिंदु रहा है, वहाँ चिकित्सा विज्ञान में नए शोध और अद्यतन जानकारी साझा करने के उद्देश्य से हार्ट इंडिया कॉन्क्लेव के 11वें संस्करण का आज भव्य शुभारंभ हुआ। इस दो दिवसीय महत्वपूर्ण आयोजन में देश भर से 100 से अधिक कार्डियोलॉजिस्ट भाग ले रहे हैं।

कॉन्क्लेव के आयोजन सचिव और शहर के प्रतिष्ठित हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. आलोक कुमार सिंह ने कहा, "हमलोग काशी से ही कार्डियक कॉन्क्लेव करते हैं और चिकित्सा विज्ञान में नए शोध के बारे में यथोचित जानकारी देने का प्रयास करते हैं।"


उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मान

इस कॉन्क्लेव में चिकित्सा और सामाजिक क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वालों को सम्मानित किया गया:

  • बेस्ट एडिटर का अवार्ड: नोएडा के प्रख्यात कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. रोहित तिवारी को।

  • बेस्ट रिसर्च पेपर का अवार्ड: राजेंद्र प्रसाद चिकित्सा विज्ञान संस्थान की जूनियर रेजिडेंट डॉ. वत्सला कुंवर को।

  • सामाजिक कार्यों हेतु पुरस्कार: बाइक एम्बुलेंस सेवा के लिए शहर के प्रतिष्ठित समाजसेवी श्री अमन कबीर को।


युवाओं में हृदय रोग: विशेषज्ञों की चिंता

कॉन्क्लेव में देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए हृदय रोग विशेषज्ञों ने प्रमुख रूप से अपने शोध प्रस्तुत किए। चर्चा का मुख्य केंद्र युवाओं में बढ़ते हाइपरटेंशन, हृदय घात (Heart Attack) और सडेन कार्डियक अरेस्ट (Sudden Cardiac Arrest) पर रहा।

विशेषज्ञों ने इस बात पर गहरी चिंता जताई कि कम उम्र में ही हृदय संबंधी समस्याएँ बढ़ रही हैं। डॉक्टरों ने सभी को विशेष सलाह दी कि:

"जीम जाने या किसी भी प्रकार का गहन व्यायाम शुरू करने से पहले एक बेसिक जाँच—जैसे ईसीजी (ECG) और 2डी ईको (2D Echo)—कराना आवश्यक है।"


प्रमुख शोधकर्ता और वक्ता

कॉन्क्लेव में देश के कोने-कोने से आए प्रतिष्ठित हृदय रोग विशेषज्ञों ने अपने शोध प्रस्तुत किए। शोध प्रस्तुत करने वालों में प्रमुख रूप से डॉ. दलजीत कौर (हैदराबाद), डॉ. रोहित तिवारी (नोएडा), डॉ. राम जी मल्होत्रा (दिल्ली), डॉ. आशुतोष मारवा (दिल्ली), डॉ. माधुरी नागोरी (मध्य प्रदेश), रवि विष्णु (पटना), डॉ. दिलीप कुमार (कोलकाता), डॉ. अशोक (पटना) शामिल रहे।

इसके अलावा, चिकित्सा विज्ञान संस्थान (IMS) से डॉ. उमेश पाण्डेय, प्रोफ़ेसर धर्मेन्द्र जैन, डॉ. विकाश अग्रवाल, डॉ. प्रतिभा राय इत्यादि लोगों ने भी अपना शोध प्रस्तुत किया।

कार्यक्रम का संचालन डॉ. आलोक कुमार सिंह ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन प्रोफ़ेसर डॉ. मनोज कुमार श्रीवास्तव ने दिया।

इस अवसर पर उपस्थित चिकित्सकों में डॉ. मोनिका गुप्ता, डॉ. जी एस सिंह, डॉ. विवेक राज सिंह, डॉ. विवेकानंद गुप्ता, डॉ. एस एन राय, डॉ. अशोक यादव, डॉ. अतुल सिंह, डॉ. अरुण कुमार त्रिपाठी, डॉ. शैलेंद्र कुमार सिंह, डॉ. ओ पी तिवारी, डॉ. पी के तिवारी, डॉ. सी पी सिंह, डॉ. हेमन्त सिंह सहित सैकड़ों चिकित्सक मौजूद रहे।

यह कॉन्क्लेव हृदय रोगों के निदान और रोकथाम की दिशा में नए रास्ते खोलने का एक महत्वपूर्ण मंच है।