जगद्गुरु रामभद्राचार्य कल्कि कथा संभल: भगवान कल्कि अवतार के बाद सतयुग में सिर्फ सनातनी रहेंगे; जगद्गुरु ने आरक्षण और 'WIFE' की परिभाषा पर भी दिया विवादित बयान

Jagadguru Rambhadracharya Kalki Katha Sambhal: कल्कि कथा करने संभल पहुंचे जगद्गुरु रामभद्राचार्य। बोले, 'सतयुग में सिर्फ सनातनी ही रहेंगे', आरक्षण आर्थिक आधार पर होना चाहिए।

Dec 1, 2025 - 16:45
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जगद्गुरु रामभद्राचार्य कल्कि कथा संभल: भगवान कल्कि अवतार के बाद सतयुग में सिर्फ सनातनी रहेंगे; जगद्गुरु ने आरक्षण और 'WIFE' की परिभाषा पर भी दिया विवादित बयान

संभल, उत्तर प्रदेश: संभल जिले में आज 1 से 7 दिसंबर तक चलने वाले कल्कि महोत्सव का भव्य आगाज हुआ है। कल्कि पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम के विशेष आमंत्रण पर जगद्गुरु रामभद्राचार्य महाराज 'विश्व की पहली' कल्कि कथा का व्याख्यान करने पहुंचे।

इस दौरान जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने एक बार फिर विवादित बयान देते हुए कहा कि भगवान विष्णु के 10वें और अंतिम कल्कि अवतार के बाद सतयुग का आरंभ होगा और उसमें केवल सनातनी ही रहेंगे।


'मुसलमान या तो कन्वर्ट होंगे या गोविंदा नमो नमः'

जगद्गुरु रामभद्राचार्य कल्कि कथा संभल में अपने आगमन से पूर्व टीवी9 डिजिटल से बात करते हुए उन्होंने सतयुग में अन्य धर्मों के लोगों की उपस्थिति पर तीखी टिप्पणी की।

  • सतयुग की अवधारणा: इस सवाल पर कि क्या सतयुग में मुसलमानों, सिखों और ईसाइयों के लिए भी जगह होगी, उन्होंने कहा, "नहीं… जो सनातन धर्म का होगा, वही सतयुग में रहेगा।"

  • मुसलमानों का भविष्य: उन्होंने कहा कि मौजूदा मुसलमानों का क्या होगा? इस पर जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने कहा, "या तो कन्वर्ट होंगे या फिर गोविंदा नमो नमः होंगे।"

  • इच्छाशक्ति: उन्होंने दावा किया कि अगर मुसलमानों की कन्वर्ट होने की इच्छा नहीं हुई तो, कल्कि भगवान स्वयं उनमें इच्छा जगा देंगे।


आरक्षण और 'WIFE' पर भी दिया बयान

रामभद्राचार्य ने आरक्षण और महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर भी अपनी राय रखी।

  • आरक्षण: उन्होंने एक बार फिर दोहराया कि जाति आधार पर कहीं भी आरक्षण नहीं होना चाहिए, बल्कि आर्थिक आधार पर आरक्षण होना चाहिए। उन्होंने सरकार से SC और ST को जाति के आधार पर आरक्षण न देने की मांग की।

  • WIFE की परिभाषा: 'WIFE' की परिभाषा को लेकर उठे विवाद पर उन्होंने कहा कि यह व्याख्या मेरी नहीं, बल्कि विदेशियों की है, जिसे वह नहीं मानते। उन्होंने कहा कि हमारी भारतीय संस्कृति में महिलाओं को 'देवी' कहा गया है, जबकि विदेशी संस्कृति में 'बेबी' और 'बीवी' कहा जाता है।

  • विरोधियों को जवाब: अपने विरोधियों पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, "मेरी प्रतिभा को धूमिल करने के लिए जयचंद मुझे बदनाम करते हैं। हाथी चले बाजार, कुत्ते भौंके हजार।"


संस्कृत ज्ञान के बिना उपदेश गलत

जगद्गुरु ने सभी धर्माचार्यों को संदेश देते हुए कहा कि मैं आज फिर से कहता हूं कि सभी आचार्यों को संस्कृत आनी चाहिए, उसका ज्ञान उन्हें होना चाहिए। उन्होंने कहा कि बिना संस्कृत ज्ञान के उपदेश देना गलत है।