कानपुर कुशाग्र हत्याकांड: ट्यूशन जाते समय किडनैपिंग, फिर हत्या... कोर्ट में फुटेज देखकर फफक पड़े पिता; टीचर ही बनी थी 16 साल के छात्र की कातिल

Kanpur Kushagra Hatyakand: कानपुर के 16 वर्षीय छात्र कुशाग्र कनोड़िया की हत्या मामले में कोर्ट में फुटेज देखकर पिता रो पड़े। ट्यूशन टीचर ने ही किडनैपिंग के बाद हत्या की थी।

Nov 22, 2025 - 16:07
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कानपुर कुशाग्र हत्याकांड: ट्यूशन जाते समय किडनैपिंग, फिर हत्या... कोर्ट में फुटेज देखकर फफक पड़े पिता; टीचर ही बनी थी 16 साल के छात्र की कातिल

कानपुर, उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश के चर्चित कानपुर कुशाग्र कनोड़िया हत्याकांड मामले में शुक्रवार को कोर्ट का माहौल उस समय गमगीन हो गया, जब केस से जुड़े सीसीटीवी फुटेज कोर्ट रूम में चलाए गए। फुटेज में अपने 16 वर्षीय बेटे कुशाग्र को आरोपी के साथ जाते देखकर पिता मनीष कनोड़िया और चाचा सुमित फफक कर रो पड़े।

मेधावी छात्र कुशाग्र कनोड़िया की अक्टूबर 2023 में ट्यूशन जाते समय अपहरण के बाद बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। इस मामले में उसकी पुरानी टीचर रचिता, उसके प्रेमी और एक साथी को गिरफ्तार किया गया था।


कोर्ट रूम में चली 3 घंटे की फुटेज

11वीं कक्षा के छात्र कुशाग्र कनोड़िया की हत्या का मामला एडीजे-11 की कोर्ट में तेजी से चल रहा है। शुक्रवार को हुई सुनवाई में विवेचक अखिलेश पाल की गवाही हुई, जिसमें सबसे अहम सबूत के तौर पर सीसीटीवी फुटेज कोर्ट रूम में चलाए गए।

  • गमगीन माहौल: इन फुटेज में कुशाग्र आरोपियों के साथ जाता हुआ दिखाई दिया। बेटे को देखकर गमगीन हुए पिता मनीष और चाचा सुमित कोर्ट रूम में ही फफक कर रोने लगे।

  • विवेचक की गवाही: कोर्ट रूम में तकरीबन तीन घंटे तक ये फुटेज चलाए गए, जो हत्याकांड की साजिश और घटनास्थल से जुड़े थे।


टीचर रचिता पर था हत्या का आरोप

पुलिस जांच में खुलासा हुआ था कि इस अपहरण और हत्याकांड के पीछे कुशाग्र की पुरानी टीचर रचिता, उसका प्रेमी प्रभात शुक्ला और साथी शिवा गुप्ता शामिल थे। उन्होंने पैसे के लिए कुशाग्र का अपहरण किया और फिर हत्या कर दी थी।

  • फॉरेंसिक सबूत: एक दिन पहले हुई सुनवाई में विधि विज्ञान प्रयोगशाला (FSL) के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉक्टर प्रवीण श्रीवास्तव ने गवाही दी थी कि फिरौती मांगने वाला धमकी भरा पत्र डालने वाला व्यक्ति शिवा गुप्ता ही था, जिसकी पुष्टि फिंगरप्रिंट और अन्य फॉरेंसिक सबूतों से हुई है।

  • शव बरामदगी: तीनों आरोपियों की निशानदेही पर ही कुशाग्र का शव प्रभात शुक्ला के आवास से बरामद हुआ था।


दोषियों को फांसी की मांग

बेटे की मौत से टूट चुका कनोड़िया परिवार साल 2024 में कानपुर छोड़कर सूरत शिफ्ट हो गया था, लेकिन वे हर तारीख पर सूरत से आकर पैरवी कर रहे हैं।

  • केस की स्थिति: इस मामले में अब तक दस गवाहों से पूछताछ पूरी हो चुकी है। अभियोजन पक्ष के अनुसार, सबूत इतने पुख्ता हैं कि तीनों आरोपियों का दोष सिद्ध होना तय है।

  • अगली तारीख: मामले की अगली सुनवाई अब 1 दिसंबर को होगी। कुशाग्र के परिजन दोषियों को फांसी की सजा दिलाने की मांग कर रहे हैं।