लखनऊ चारबाग बस हादसा मां की मौत: ‘बेटा तो निकल गया, मां बस के नीचे आ गईं…’, तीन बच्चों के सामने रोडवेज बस ने मां को कुचला; 3 अनाथ बच्चों का भविष्य संकट में

Lucknow Charbagh Bus Hadsa Maa Ki Maut: लखनऊ चारबाग में 7 साल के बेटे को बचाने दौड़ी मां को रोडवेज बस ने कुचला, मौके पर मौत। तीन बच्चे हुए अनाथ, ड्राइवर हिरासत में।

Dec 1, 2025 - 13:59
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लखनऊ चारबाग बस हादसा मां की मौत: ‘बेटा तो निकल गया, मां बस के नीचे आ गईं…’, तीन बच्चों के सामने रोडवेज बस ने मां को कुचला; 3 अनाथ बच्चों का भविष्य संकट में

लखनऊ, उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में रविवार सुबह चारबाग रेलवे स्टेशन के पास एक बेहद दर्दनाक हादसा हुआ, जिसने वहाँ मौजूद सभी लोगों की आँखें नम कर दीं। सात साल के मासूम बेटे आदी को बचाने के प्रयास में, उसकी माँ संगीता रावत (40) को चारबाग डिपो की एक तेज रफ्तार रोडवेज बस ने कुचल दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

संगीता रावत, जो कानपुर नगर निगम में हेड क्लर्क थीं, 2022 में पति की मौत के बाद अकेले ही तीन बच्चों—राहुल (17), जाह्नवी (12) और आदी (7) —का पालन-पोषण कर रही थीं। लखनऊ चारबाग बस हादसा मां की मौत ने इन बच्चों को अनाथ कर दिया है।


आदी को बचाने दौड़ीं संगीता

मृतका संगीता रावत अपने तीनों बच्चों और मामा के साथ उन्नाव (शुक्लागंज) लौट रही थीं।

  • हादसे का मंजर: बड़े बेटे राहुल ने रोते हुए बताया कि फुट ओवरब्रिज के नीचे सड़क पार करते वक्त, छोटा बेटा आदी अचानक माँ का हाथ छुड़ाकर दौड़ पड़ा। माँ संगीता चिल्लाईं— "आदी रुक!"—और अपनी जान की परवाह किए बिना उसे बचाने के लिए पीछे दौड़ीं।

  • बस की चपेट में: राहुल ने बताया कि उन्होंने बस चालक मुकेश कुमार सैनी (उन्नाव निवासी) को रुकने का इशारा भी किया, और चालक ने बस रोकी भी, लेकिन अचानक फिर से बस की स्पीड बढ़ा दी, जिससे आदी तो बच गया, लेकिन माँ बस के नीचे आ गईं और उनकी मौके पर ही मौत हो गई।


गुस्साई भीड़ ने चालक को पीटा

हादसे के बाद खून से लथपथ मां को तड़पता देख राहुल चीख पड़ा।

  • पिटाई: बस चालक मुकेश कुमार सैनी बस छोड़कर भागने लगा, जिसे आक्रोशित लोगों ने दौड़ा कर पकड़ लिया और जमकर पीटा

  • पुलिस कार्रवाई: हुसैनगंज पुलिस मौके पर पहुंची और भीड़ के चंगुल से चालक को छुड़ाकर हिरासत में ले लिया।


तीन अनाथ बच्चों का टूटा बचपन

संगीता रावत को मृत घोषित कर दिया गया। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि पति की मौत के बाद अकेले घर की जिम्मेदारी संभाल रहीं संगीता के जाने के बाद, इन तीन अनाथ बच्चों का सहारा कौन बनेगा?

बड़ा बेटा राहुल बारहवीं में पढ़ता है। उसने कहा, "पापा के जाने के बाद मां ही सबकुछ थीं। अब मां भी चली गईं।" आज चारबाग की उस सड़क पर सिर्फ खून के धब्बे रह गए हैं, और तीन बच्चों का टूटा हुआ बचपन।