महाराष्ट्र सरकार फरमान: MLA आए तो खड़े हो जाओ! अधिकारियों के लिए नया 'कोड ऑफ कंडक्ट' जारी; नियम न मानने पर होगी सख्त कार्रवाई

Maharashtra Sarkar Farman: महाराष्ट्र सरकार ने अधिकारियों के लिए नया कोड ऑफ कंडक्ट जारी किया। MLA/MP के आने पर खड़े होने का नियम। प्रोटोकॉल का पालन न करने पर होगी सख्त कार्रवाई।

Nov 21, 2025 - 16:08
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महाराष्ट्र सरकार फरमान: MLA आए तो खड़े हो जाओ! अधिकारियों के लिए नया 'कोड ऑफ कंडक्ट' जारी; नियम न मानने पर होगी सख्त कार्रवाई

मुंबई: महाराष्ट्र सरकार ने राज्य के अधिकारियों के लिए एक कड़ा 'कोड ऑफ कंडक्ट' (आचार संहिता) जारी किया है, जिसके तहत उन्हें जनप्रतिनिधियों, विशेषकर सांसदों (MPs) और विधायकों (MLAs) के प्रति अत्यंत सम्मान और तत्परता दिखानी होगी। महाराष्ट्र सरकार फरमान वाला यह सर्कुलर जनरल एडमिनिस्ट्रेशन डिपार्टमेंट (GAD) की ओर से सरकारी प्रस्ताव (GR) के रूप में जारी किया गया है।

इस नए फैसले से स्पष्ट है कि सरकार चाहती है कि अधिकारी नेताओं के प्रति कोई अनादर न दिखाएँ और उनके प्रति शिष्टाचार बनाए रखें। नियम का पालन न करने पर महाराष्ट्र सिविल सर्विसेज़ रूल्स के तहत कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।


स्वागत और शिष्टाचार के नए नियम

जारी किए गए सरकारी प्रस्ताव (GR) में मंत्रालय से लेकर ज़िला और तालुका स्तर तक के अधिकारियों के लिए स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं:

  • खड़े होकर स्वागत: जब कोई सांसद या विधायक अधिकारी के ऑफिस में प्रवेश करें और मीटिंग के बाद जब वे बाहर निकलें, तो अधिकारी खड़े होकर उनका स्वागत करेंगे।

  • पूर्ण तहज़ीब: अधिकारियों को सभी जनप्रतिनिधियों के साथ पूरी तहज़ीब दिखानी होगी।

  • व्यापक नियम: व्यवहार, कम्युनिकेशन, मीटिंग, सरकारी इवेंट और यहाँ तक कि रिस्पॉन्स टाइमलाइन (जवाब देने की समय-सीमा) के लिए भी नियम तय किए गए हैं।


जनप्रतिनिधियों से मीटिंग के लिए विशेष समय

जनप्रतिनिधियों तक अधिकारियों की पहुँच (Access) को बेहतर बनाने के लिए सरकार ने मीटिंग के लिए विशेष घंटे भी निर्धारित किए हैं:

  • मासिक मीटिंग: क्षेत्रीय और ज़िला प्रमुखों (Regional and District Head) को हर महीने के पहले और तीसरे गुरुवार को दो घंटे विशेष रूप से MPs और MLAs के साथ मीटिंग के लिए रखने होंगे।

  • अर्जेंट मामलों पर बात: सर्कुलर में कहा गया है कि अर्जेंट मामलों पर ऑफिस टाइम के दौरान कभी भी MPs या MLAs से बात की जा सकती है।


लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी

महाराष्ट्र सरकार फरमान में अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी भी दी गई है।

  • कार्रवाई का आधार: किसी भी तरह की देरी, लापरवाही या नए प्रोटोकॉल का पालन न करने पर अधिकारियों के खिलाफ महाराष्ट्र सिविल सर्विसेज़ रूल्स और सरकारी काम में देरी रोकने के लिए बने 2005 के कानून के तहत कार्रवाई शुरू की जाएगी।

  • सदन का सम्मान: विभागों को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि विधायिका/संसद सत्र (लेजिस्लेचर/पार्लियामेंट) चल रहा हो तो बड़े सरकारी कार्यक्रम शेड्यूल न किए जाएँ।

  • विशेषाधिकार समिति: लेजिस्लेचर की प्रिविलेज कमिटी (विशेषाधिकार समिति) की ओर से जारी निर्देशों का सख्ती से पालन करने और विशेषाधिकार हनन की तुरंत रिपोर्ट करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

यह नया कोड ऑफ कंडक्ट सरकारी काम में पारदर्शिता और जनप्रतिनिधियों के प्रति सम्मान सुनिश्चित करने की दिशा में महाराष्ट्र सरकार का एक कड़ा कदम है।