म्यांमार साइबर गुलाम: कोलकाता से बैंकॉक ले गए, डेटा एंट्री जॉब का झांसा देकर म्यांमार में फँसाया; दिल्ली के युवक ने बताई आपबीती, 2 आरोपी गिरफ्तार

Myanmar Cyber Ghulam: डेटा एंट्री जॉब का झांसा देकर दिल्ली के युवक को कोलकाता से बैंकॉक होते हुए म्यांमार ले जाया गया, जहाँ उनसे जबरन साइबर फ्रॉड कराया गया। 2 आरोपी गिरफ्तार।

Nov 22, 2025 - 15:48
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म्यांमार साइबर गुलाम: कोलकाता से बैंकॉक ले गए, डेटा एंट्री जॉब का झांसा देकर म्यांमार में फँसाया; दिल्ली के युवक ने बताई आपबीती, 2 आरोपी गिरफ्तार

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की IFSO (साइबर सेल) ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय साइबर रैकेट का भंडाफोड़ किया है, जो भारतीय युवाओं को म्यांमार ले जाकर उनसे जबरन ऑनलाइन धोखाधड़ी करवाता था। पुलिस ने इस गैंग के दो आरोपियों—बवाना निवासी दानिश और फरीदाबाद निवासी हर्ष—को गिरफ्तार किया है। यह खुलासा तब हुआ जब म्यांमार में फँसे भारतीय युवाओं को रेस्क्यू कर भारत वापस लाया गया।

गिरफ्तार दानिश खुद मार्च 2025 में म्यांमार से डिपोर्ट होकर आया था, लेकिन फिर भी वह वापस यहाँ युवाओं को नौकरी का लालच देकर फंसा रहा था।


बैंकॉक के रास्ते म्यावड्डी (म्यांमार) ले गए

बवाना के रहने वाले शिकायतकर्ता इम्तियाज बाबू ने दिल्ली पुलिस को बताया कि उन्हें हाई सैलरी वाली डेटा-एंट्री जॉब का झूठा झांसा दिया गया था।

  • रूट: पीड़ितों को पहले कोलकाता से बैंकॉक ले जाया गया, और फिर वहां से म्यावड्डी (म्यांमार) स्थित एक बड़े स्कैम सेंटर में बंद कर दिया गया।

  • साइबर गुलाम: पूछताछ में पीड़ितों ने बताया कि उनसे हथियारबंद गार्ड्स की निगरानी में, अमेरिकियों को निशाना बनाकर, ऑनलाइन फ्रॉड (साइबर ठगी) करवाया जाता था। विरोध करने पर उन्हें डराया-धमकाया जाता था।

  • रेस्क्यू: म्यांमार मिलिट्री ने 22 अक्टूबर 2025 को इन स्कैम सेंटरों पर छापा मारकर भारतीय युवाओं को छुड़ाया। भारतीय दूतावास की मदद से 19 नवंबर 2025 को ये लोग भारत वापस लाए गए।


विदेशी हैंडलर्स से बातचीत के सबूत

पीड़ित इम्तियाज की शिकायत पर 20 नवंबर 2025 को FIR दर्ज कर IFSO टीम ने जांच शुरू की और दानिश राजा को बवाना से गिरफ्तार किया।

  • गिरफ्तारी: दानिश ने कबूल किया कि वह डिपोर्ट होने के बाद भी लोगों को फंसा रहा था। पुलिस ने फरीदाबाद के हर्ष को भी गिरफ्तार किया।

  • सबूत: पुलिस ने दोनों आरोपियों के पास से 2 मोबाइल फोन बरामद किए हैं, जिनमें विदेशी हैंडलर्स से बातचीत और रैकेट से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण डिजिटल सबूत मिले हैं।

दिल्ली पुलिस और गृह मंत्रालय की I4C की संयुक्त टीम ऐसे अंतरराष्ट्रीय साइबर-क्राइम रैकेट्स पर कड़ी नजर रख रही है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि ऐसे मानव तस्करों और साइबर अपराधियों पर तुरंत कड़ी कार्रवाई होगी।