टीईटी अनिवार्यता पुरानी पेंशन प्रदर्शन: 22 राज्यों के टीचर्स का हल्ला बोल! जंतर-मंतर पर दो दिन बड़ा प्रदर्शन, सरकार पर दबाव बनाने की तैयारी
TET Anivarya Purani Pension Pradarshan: 22 राज्यों के शिक्षक TET अनिवार्यता खत्म करने और OPS बहाली की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे हैं। NMOPS के नेतृत्व में संसद पर दबाव बनाने की तैयारी।
नई दिल्ली: केंद्र सरकार के शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) की अनिवार्यता और पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली की मांग को लेकर देशभर के शिक्षकों ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक बड़ा और निर्णायक प्रदर्शन शुरू कर दिया है। टीईटी अनिवार्यता पुरानी पेंशन प्रदर्शन के बैनर तले 22 राज्यों के शिक्षक संगठन 24 और 25 नवंबर को केंद्र सरकार पर दबाव बनाने के लिए एकजुट हुए हैं।
शिक्षक संगठनों का कहना है कि आरटीई (RTE) लागू होने से पहले नियुक्त हुए शिक्षकों पर टीईटी थोपना अन्याय है और पुरानी पेंशन योजना को तुरंत बहाल किया जाना चाहिए।
जंतर-मंतर पर दो दिन का महासंग्राम
यह आंदोलन ऐसे समय में हो रहा है जब संसद का शीतकालीन सत्र चल रहा है, जिससे सरकार पर दबाव बनाने का यह सही मौका है।
-
पहला दिन (24 नवंबर): अखिल भारतीय शिक्षक संघर्ष मोर्चा के बैनर तले 22 राज्यों के शिक्षक संगठन पूरे दिन धरना देंगे।
-
दूसरा दिन (25 नवंबर): नेशनल मूवमेंट फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम (NMOPS) के नेतृत्व में शिक्षक-कर्मचारी भारी संख्या में प्रदर्शन करेंगे।
पेंशन OPS बहाली की लड़ाई
एनएमओपीएस के राष्ट्रीय अध्यक्ष विजय कुमार बंधु ने रविवार को दिल्ली में हुई रणनीति बैठक के बाद ऐलान किया कि उनकी लड़ाई रंग ला रही है।
-
सफलता: उन्होंने याद दिलाया कि राजस्थान, छत्तीसगढ़, झारखंड और हिमाचल प्रदेश में पुरानी पेंशन पहले ही बहाल हो चुकी है, और पंजाब में भी इसकी घोषणा हो चुकी है।
-
मांग: अब केंद्र सरकार पर दबाव बनाने का समय है कि वह संसद में कानून लाकर पुरानी पेंशन बहाल करे।
टीईटी अनिवार्यता पर शिक्षकों का आक्रोश
यूनाइटेड टीचर्स एसोसिएशन (यूटा) के प्रदेश अध्यक्ष राजेंद्र सिंह राठौड़ ने टीईटी अनिवार्यता पर कड़ी आपत्ति जताई।
-
अनुचित मांग: उन्होंने कहा कि लाखों शिक्षक, जो 2009 से पहले नियुक्त हुए थे, पहले ही कई चयन प्रक्रियाएं पास कर चुके हैं और 15-20 साल की सेवा दे चुके हैं। अब उनसे दोबारा टीईटी पास कराने की मांग अनुचित है।
-
आरटीई छूट: शिक्षकों की मांग है कि आरटीई लागू होने से पहले नियुक्त सभी शिक्षकों को टीईटी से स्थायी छूट दी जाए।
उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब समेत तमाम राज्यों से शिक्षकों के जत्थे दिल्ली पहुँच रहे हैं। टीईटी अनिवार्यता पुरानी पेंशन प्रदर्शन एक बार फिर शिक्षकों की एकजुटता और उनके हक की आवाज से जंतर-मंतर की सड़क को गुंजा रहा है।