राज्यसभा नए नियम विवाद: भाषण के बाद 'जय हिंद-वंदे मातरम' से बचें... शीतकालीन सत्र से पहले राज्यसभा के नए नियम, विपक्ष ने बताया 'बंगाली अस्मिता पर हमला
Rajya Sabha Naye Niyam Vivaad: शीतकालीन सत्र से पहले राज्यसभा ने सांसदों को 'जय हिंद', 'वंदे मातरम' जैसे स्लोगन से परहेज करने का निर्देश दिया। विपक्ष ने किया कड़ा विरोध, TMC ने बंगाली अस्मिता से जोड़ा।
नई दिल्ली: संसद के शीतकालीन सत्र (1 दिसंबर से शुरू) से पहले, राज्यसभा द्वारा सांसदों के आचरण संबंधी एक नया बुलेटिन जारी किए जाने पर बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। राज्यसभा नए नियम विवाद का केंद्र सांसदों को भाषण के अंत में 'जय हिंद', 'वंदे मातरम' और 'थैंक्स/थैंक यू' जैसे शब्दों के इस्तेमाल से परहेज करने की सलाह है।
तृणमूल कांग्रेस (TMC) और कांग्रेस सहित विपक्षी दलों ने इन निर्देशों का कड़ा विरोध किया है, जबकि बीजेपी इसे संसदीय परंपराओं के अनुरूप बता रही है।
स्लोगन पर रोक और अनिवार्य उपस्थिति
राज्यसभा बुलेटिन में सांसदों के लिए दो बड़े निर्देश जारी किए गए हैं:
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स्लोगन पर परहेज: सांसदों को भाषण के अंत में 'थैंक्स', 'थैंक यू', 'जय हिंद' और 'वंदे मातरम' जैसे शब्दों के इस्तेमाल से बचने की सलाह दी गई है। कहा गया है कि संसद की परंपराएं भाषण के अंत में इस तरह के स्लोगन की इजाजत नहीं देतीं।
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जवाब सुनने के लिए अनिवार्य: अगर कोई सांसद किसी मंत्री की आलोचना करता है, तो मंत्री की तरफ से दिए जाने वाले जवाब के समय उस सांसद का सदन में मौजूद रहना अनिवार्य होगा। जवाब के दौरान गैर-हाजिर रहना पार्लियामेंट्री एटीकेट का उल्लंघन माना जाएगा।
बुलेटिन में यह भी कहा गया है कि सांसद सदन के वेल में आकर किसी भी वस्तु का प्रदर्शन नहीं कर सकते और उन्हें सदन के अंदर या बाहर चेयर के फैसलों की आलोचना नहीं करनी चाहिए।
ममता ने जोड़ा 'बंगाली अस्मिता' से
विपक्ष ने इन निर्देशों पर जोरदार विरोध किया है।
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ममता बनर्जी का हमला: बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने 'जय हिंद' और 'वंदे मातरम' बोलने से मना करने को बंगाली अस्मिता से जोड़कर हमला तेज कर दिया है।
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बीजेपी का तर्क: बीजेपी का कहना है कि शपथ ग्रहण के समय ये स्लोगन बोलने की परंपरा है, लेकिन भाषण समाप्त करते हुए ऐसे उद्घोष करना कई बार कार्यवाही में व्यवधान पैदा कर देता है, इसलिए निर्देश उचित हैं।
इस बार शीतकालीन सत्र में पहली बार उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन उच्च सदन की अध्यक्षता करेंगे।