राम मंदिर ध्वजारोहण पूर्णता: "सदियों के जख्म भर रहे हैं…," पीएम मोदी बोले- यह ध्वज भारतीय सभ्यता के पुनर्जागरण का प्रतीक, अयोध्या बनेगी दुनिया के लिए उदाहरण
Ram Mandir Dhwajarohan Purnata: अयोध्या में PM मोदी और मोहन भागवत ने किया ध्वजारोहण। पीएम मोदी ने कहा- आज सदियों के घाव भर रहे हैं। यह ध्वज सभ्यता के पुनर्जागरण का प्रतीक है।
अयोध्या, उत्तर प्रदेश: अयोध्या में आज का दिन ऐतिहासिक रहा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत ने मंदिर के शिखर पर धर्म ध्वजारोहण कर राम मंदिर की पूर्णता का उद्घोष किया। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि आज सदियों के घाव भर रहे हैं और यह क्षण भारतीय सभ्यता के पुनर्जागरण का प्रतीक है।
पीएम मोदी ने जोर देकर कहा कि देश को औपनिवेशिक मानसिकता से मुक्ति पानी होगी और 2047 तक 'विकसित भारत' के निर्माण पर फोकस करना होगा।
500 साल के यज्ञ की पूर्णाहुति
पीएम मोदी ने इस पल को अपार संतोष और अलौकिक आनंद का क्षण बताया।
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सदियों का घाव: प्रधानमंत्री ने कहा, "आज सदियों के घाव भर रहे हैं, सदियों की वेदना आज विराम पा रही है। सदियों का संकल्प आज सिद्धि को प्राप्त हो रहा है।"
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संघर्ष से सृजन: उन्होंने ध्वजारोहण को 500 साल तक प्रज्वलित रहे यज्ञ की पूर्णाहुति बताया। उन्होंने कहा कि यह ध्वज सफलता, संघर्ष से सृजन की गाथा, संतों की साधना और समाज की सहभागिता की सार्थक परिणति है।
धर्म ध्वज: भारतीय सभ्यता का पुनर्जागरण
पीएम मोदी ने कहा कि भगवान के गर्भगृह की ऊर्जा और यह धर्म ध्वजा केवल एक ध्वजा नहीं है।
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प्रतीक: "यह भारतीय सभ्यता के पुनर्जागरण का प्रतीक है।"
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विशेषताएँ: इसका भगवा रंग, इस पर रचित सूर्यवंश की ख्याति, कोविदार वृक्ष और सूर्य रामराज्य का प्रतीक है।
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संकल्प: उन्होंने कहा कि आने वाले सदियों तक यह ध्वज प्रभु राम के आदर्शों का उद्घोष करेगा।
???????? गुलामी की मानसिकता से मुक्ति
प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्र के सामने खड़ी सबसे बड़ी चुनौती—गुलामी की मानसिकता—पर बात की।
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मैकाले का असर: उन्होंने कहा कि आज़ादी तो मिली, लेकिन हीन भावना से आज़ादी नहीं मिली। इसी सोच के कारण हमने डेमोक्रेसी विदेश से ली, जबकि भारत डेमोक्रेसी की जननी है, और डेमोक्रेसी हमारे DNA में है।
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राम काल्पनिक क्यों?: पीएम मोदी ने कहा कि गुलामी की मानसिकता इतनी ज़्यादा हो गई कि प्रभु राम को काल्पनिक घोषित किया जाने लगा।
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नेवी का झंडा: उन्होंने उदाहरण दिया कि नेवी के झंडे से गुलामी के निशान हटाकर छत्रपति शिवाजी महाराज की विरासत को स्थापित करना सिर्फ डिजाइन में बदलाव नहीं था, बल्कि बदलती मानसिकता का प्रतीक था।
पीएम मोदी ने विश्वास जताया कि हम अगले 10 सालों में इस मानसिकता से आज़ाद हो सकते हैं और 2047 तक विकसित भारत बनने से हमें कोई नहीं रोक सकता।