रामधेर मज्जी 1 करोड़ इनामी सरेंडर: कौन है नक्सली रामधेर मज्जी? 11 खूंखार साथियों के साथ बस्तर में किया आत्मसमर्पण, यह पूरा 'MMC स्पेशल जोन' हुआ नक्सल फ्री

Ramdher Majji 1 Crore Inami Surrender: 1 करोड़ के इनामी नक्सली रामधेर मज्जी ने 11 साथियों के साथ छत्तीसगढ़ में किया सरेंडर। MMC स्पेशल जोन नक्सल-मुक्त घोषित, AK-47 बरामद।

Dec 8, 2025 - 17:35
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रामधेर मज्जी 1 करोड़ इनामी सरेंडर: कौन है नक्सली रामधेर मज्जी? 11 खूंखार साथियों के साथ बस्तर में किया आत्मसमर्पण, यह पूरा 'MMC स्पेशल जोन' हुआ नक्सल फ्री

खैरागढ़, छत्तीसगढ़: छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खिलाफ सुरक्षा बलों को एक ऐतिहासिक और बड़ी सफलता मिली है। सीपीआई (माओवादी) के शीर्ष नेता और केंद्रीय समिति सदस्य (CCM) रामधेर मज्जी, जिस पर अकेले ₹1 करोड़ का इनाम घोषित था, उसने अपने 11 खूंखार साथियों के साथ खैरागढ़ जिले के कुम्ही गांव में आत्मसमर्पण कर दिया है।

रामधेर मज्जी 1 करोड़ इनामी सरेंडर को सुरक्षा एजेंसियां नक्सली ढांचे पर अब तक का सबसे बड़ा प्रहार मान रही हैं। इस बड़े आत्मसमर्पण के बाद महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ स्पेशल जोनल कमेटी (MMC) का यह पूरा क्षेत्र अब नक्सल-मुक्त घोषित कर दिया गया है।


कौन है रामधेर मज्जी?

रामधेर मज्जी को नक्सल संगठन में खूंखार नक्सली नेता हिडमा के समकक्ष माना जाता था। उसके आत्मसमर्पण को संगठन के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है, क्योंकि यह समूह तीन राज्यों (महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़) के छह जिलों में अपनी पैठ बनाए हुए था।

रामधेर मज्जी के साथ सरेंडर करने वाले अन्य प्रमुख नक्सली और उनके हथियार:

नक्सली का नाम पद हथियार इनाम
रामधेर मज्जी CCM (केंद्रीय समिति सदस्य) ₹1 करोड़
चंदू उसेंडी DVCM
ललिता DVCM AK-47
जानकी DVCM INSAS
प्रेम DVCM
रामसिंह दादा ACM

सरेंडर करने वाले समूह के पास से AK-47, इंसास, SLR, 303 और 30 कार्बाइन जैसे घातक हथियार भी बरामद हुए हैं।


MMC जोन हुआ नक्सल फ्री

यह बड़ा आत्मसमर्पण ऐसे समय में हुआ है जब बीते दिनों बालाघाट में सुरेंद्र सहित नौ अन्य माओवादी हथियार डाल चुके हैं और MMC जोन का प्रवक्ता अनंत गोंदिया में पहले ही आत्मसमर्पण कर चुका था।

  • कारण: माओवादी कैडरों की जमीनी पकड़ लगातार कमजोर हो रही है।

  • चुनौती: सुरक्षा बलों की लगातार बढ़ती घेरेबंदी, केंद्र सरकार की कड़ी नक्सल-विरोधी नीति, और छत्तीसगढ़ सरकार की प्रभावी आत्मसमर्पण नीति के कारण नक्सलियों के लिए टिके रहना मुश्किल हो गया है।

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने मार्च 2026 तक सशस्त्र नक्सलवाद समाप्त होने की उम्मीद जताई है, जबकि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का मानना है कि यह तय समय से पहले ही खत्म हो जाएगा।

फिलहाल, सभी 12 माओवादी पुलिस कस्टडी में हैं और उनसे पूछताछ की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।