SIR in UP: दो जगह फॉर्म भरने पर अब होगी जेल या जुर्माना! चुनाव आयोग ने दी सख़्त चेतावनी, जानें पूरा SIR कार्यक्रम

SIR in UP: चुनाव आयोग ने दोहरे पंजीकरण पर सख़्त चेतावनी दी। उत्तर प्रदेश (UP) में दो जगह फॉर्म भरने पर 1 साल की सज़ा या जुर्माना लग सकता है। 4 दिसंबर SIR की अंतिम तिथि है।

Nov 19, 2025 - 16:35
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SIR in UP: दो जगह फॉर्म भरने पर अब होगी जेल या जुर्माना! चुनाव आयोग ने दी सख़्त चेतावनी, जानें पूरा SIR कार्यक्रम

लखनऊ: उत्तर प्रदेश (UP) समेत देश के नौ राज्यों में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया 4 नवंबर से 4 दिसंबर तक चल रही है। उत्तर प्रदेश में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए चुनाव आयोग ने दोहरे पंजीकरण को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। आयोग ने चेतावनी दी है कि यदि कोई मतदाता दो जगह से गणना प्रपत्र भरता है, तो उसे लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा-31 के तहत एक साल की सज़ा या जुर्माना हो सकता है।

उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) नवदीप रिणवा ने स्पष्ट किया है कि डिजिटल माध्यमों से ऐसी व्यवस्था की गई है कि दो-दो जगह से फॉर्म भरने वाले मतदाता आसानी से पकड़े जाएंगे। SIR in UP का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची को शुद्ध करना है।


SIR in UP: दो जगह नाम होने पर सज़ा क्यों?

चुनाव आयोग ने दोहराया है कि मतदाता सूची की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए यह सख़्ती ज़रूरी है।

  • कानूनी कार्रवाई: यदि कोई मतदाता शहर या गांव में दो जगह वोटर लिस्ट में नाम होने के बावजूद दोनों जगह से गणना प्रपत्र भरता है, तो लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा-31 के तहत यह एक कानूनी अपराध माना जाएगा।

  • सज़ा का प्रावधान: इस अपराध के लिए मतदाता को एक साल की सज़ा या जुर्माना लगाया जा सकता है।

  • समाधान: यदि मतदाता का गांव और शहर दोनों जगह वोटर लिस्ट में नाम है, तो वह केवल एक जगह ही गणना प्रपत्र भरकर जमा कराए, जहाँ का मतदाता वह बना रहना चाहता है।

सीईओ ने बताया कि SIR in UP इसलिए की जा रही है, ताकि एक व्यक्ति का वोटर लिस्ट में दो जगह नाम है, उसे एक जगह से हटाया जा सके।


उत्तर प्रदेश में SIR की मुख्य तिथियाँ

उत्तर प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) 4 नवंबर से 4 दिसंबर तक चलेगा। इस प्रक्रिया के बाद पूरी अंतिम मतदाता सूची 7 फरवरी, 2026 को जारी की जाएगी।

चरण अवधि विवरण
प्रपत्र वितरण/संकलन 4 नवंबर से 4 दिसंबर तक बीएलओ द्वारा घर-घर फॉर्म वितरित और संकलित किए जाएंगे।
मसौदा प्रकाशन 9 दिसंबर, 2025 मतदाता सूची का मसौदा जारी किया जाएगा।
आपत्तियाँ दर्ज 9 दिसंबर, 2025 से 8 जनवरी, 2026 तक मतदाता मसौदे पर आपत्तियाँ दर्ज करा सकते हैं।
सत्यापन अवधि 9 दिसंबर, 2025 से 31 जनवरी, 2026 तक दर्ज आपत्तियों और नए नामों का सत्यापन होगा।
अंतिम प्रकाशन 7 फरवरी, 2026 अंतिम मतदाता सूची जारी होगी।

बीएलओ की भूमिका और महत्वपूर्ण प्रक्रियाएँ

SIR in UP को सफल बनाने में बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) की भूमिका अहम है।

  • नए नाम जोड़ना: बीएलओ निर्धारित क्षेत्रों में लोगों के घरों तक जाकर फॉर्म वितरित करेंगे। नए मतदाताओं को अपनी पहचान सत्यापित करने के लिए आवश्यक प्रमाण और दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे।

  • नाम हटाना: यदि परिवार के किसी सदस्य की मृत्यु हो गई है या वह बाहर चला गया है, तो परिवार के सदस्यों को एक पीले फॉर्म के माध्यम से बीएलओ को सूचित करना होगा ताकि उनका नाम सूची से हटाया जा सके।

  • ऑनलाइन सुविधा: मतदाता अपने गणना फॉर्म https://voters.eci.gov.in पोर्टल से ऑनलाइन भी डाउनलोड कर सकते हैं। अधिक सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर 1950 या 1800-180-1950 पर संपर्क किया जा सकता है।

यह चंदौली क्राइम और अन्य सभी क्षेत्रों के नागरिकों के लिए आवश्यक है कि वे SIR in UP की इस प्रक्रिया में ईमानदारी से सहयोग करें, ताकि एक पारदर्शी और त्रुटिहीन मतदाता सूची तैयार हो सके।