Bihar Speaker Post & CM Decision: विधानसभा स्पीकर पद BJP के खाते में, गयाजी से 9 बार के विधायक प्रेम कुमार हो सकते हैं नए अध्यक्ष; आज नीतीश कुमार के नाम पर लगेगी मुहर

बिहार विधानसभा स्पीकर पद BJP के खाते में गया, गयाजी के विधायक प्रेम कुमार हो सकते हैं नए अध्यक्ष। आज NDA की बैठक में नीतीश कुमार के CM नाम पर लग सकती है मुहर। गृह मंत्रालय पर गतिरोध बरकरार।

Nov 19, 2025 - 14:06
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Bihar Speaker Post & CM Decision: विधानसभा स्पीकर पद BJP के खाते में, गयाजी से 9 बार के विधायक प्रेम कुमार हो सकते हैं नए अध्यक्ष; आज नीतीश कुमार के नाम पर लगेगी मुहर

पटना: बिहार में नई सरकार के गठन की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। कल, गुरुवार को पटना के गांधी मैदान में होने वाले शपथग्रहण समारोह से पहले, एनडीए में मंत्रालयों और प्रमुख पदों का बंटवारा किया जा रहा है। जिस विधानसभा स्पीकर पद को लेकर खींचतान चल रही थी, वह अब बीजेपी के खाते में जाना लगभग तय माना जा रहा है।

सूत्रों के अनुसार, प्रेम कुमार बिहार विधानसभा के नए स्पीकर हो सकते हैं। वहीं, आज (बुधवार) होने वाली एनडीए की बैठक में नीतीश कुमार के नाम पर मुख्यमंत्री पद के लिए औपचारिक मुहर लग सकती है।


कौन हैं प्रेम कुमार?

प्रेम कुमार गयाजी से बीजेपी के वरिष्ठ विधायक हैं और उनका नाम स्पीकर पद के लिए सबसे आगे चल रहा है।

  • रिकॉर्ड जीत: वह गयाजी सीट से लगातार 9वीं बार विधायक चुने गए हैं और इस सीट से उन्हें कभी शिकस्त नहीं मिली।

  • बड़ा चेहरा: अति पिछड़े वर्ग (EBC) से आने वाले प्रेम कुमार प्रदेश में बीजेपी का एक बड़ा और अनुभवी चेहरा हैं।

  • राजनीतिक अनुभव: उन्होंने साल 1990 में पहली बार गया शहर सीट से जीत हासिल की थी। वह 2015 से 2017 के बीच विधानसभा में विपक्ष के नेता भी रह चुके हैं।

दूसरी ओर, उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा है कि पार्टी उन्हें जो भी जिम्मेदारी देगी, उसे निभाने के लिए वह पूरी तरह तैयार हैं।


गृह मंत्रालय पर गतिरोध बरकरार

हालांकि, स्पीकर पद का मामला सुलझ गया है, लेकिन गृह मंत्रालय को लेकर बीजेपी और जेडीयू के बीच गतिरोध अभी भी बना हुआ है।

  • बीजेपी की मांग: बीजेपी इस बार गृह मंत्रालय और शिक्षा विभाग अपने पास रखना चाहती है, जिसके बदले वह स्वास्थ्य और वित्त मंत्रालय छोड़ने को तैयार है।

  • नीतीश का स्टैंड: सूत्रों के मुताबिक, जेडीयू शिक्षा मंत्रालय छोड़ने पर तैयार हो सकती है, लेकिन गृह मंत्रालय को लेकर मामला फंसा हुआ है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 2005 से लगातार यह विभाग अपने पास रखते आए हैं और इसे छोड़ने के मूड में नहीं हैं।

दोनों दलों की हिस्सेदारी लगभग तय मानी जा रही है, लेकिन गृह मंत्रालय को लेकर आखिरी फैसला आज होने वाली एनडीए की बैठक के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।