यूपी जन्मतिथि प्रमाण आधार कार्ड: 'जन्मतिथि के प्रमाण के लिए अब आधार कार्ड मान्य नहीं…', योगी सरकार ने सरकारी विभागों के नियम बदले

UP Janm Tithi Pramaan Aadhaar Card: योगी सरकार ने आधार कार्ड को जन्मतिथि के प्रामाणिक प्रमाण के रूप में मानने से इनकार किया। UIDAI के दिशानिर्देशों के बाद लिया गया फैसला, अब हाई स्कूल मार्कशीट होगी मान्य।

Nov 28, 2025 - 10:30
 0
यूपी जन्मतिथि प्रमाण आधार कार्ड: 'जन्मतिथि के प्रमाण के लिए अब आधार कार्ड मान्य नहीं…', योगी सरकार ने सरकारी विभागों के नियम बदले

लखनऊ, उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने सरकारी कामकाज में पारदर्शिता और प्रामाणिकता सुनिश्चित करने के लिए एक अहम फैसला लिया है। अब प्रदेश के किसी भी सरकारी विभाग में आधार कार्ड को जन्म तिथि (Date of Birth) के प्रामाणिक प्रमाण पत्र के रूप में स्वीकार नहीं किया जाएगा।

राज्य के नियोजन विभाग ने इस संबंध में सभी अपर मुख्य सचिवों, प्रमुख सचिवों और विभागाध्यक्षों को स्पष्ट आदेश जारी कर दिए हैं। इस फैसले का सबसे बड़ा कारण UIDAI (भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण) के दिशानिर्देश हैं।


UIDAI ने बताया 'अनुमानित' है जन्मतिथि

यह फैसला UIDAI द्वारा 31 अक्टूबर 2025 को जारी उस पत्र के बाद आया है, जिसमें स्पष्ट किया गया था कि:

  • वास्तविक कारण: आधार कार्ड में दर्ज जन्मतिथि ज्यादातर मामलों में केवल अनुमानित (Approximate/Declared) होती है।

  • प्रामाणिकता का अभाव: इसलिए इसे जन्म तिथि का प्रामाणिक प्रमाण (Authentic Evidence) नहीं माना जा सकता।

  • सीमित उपयोग: UIDAI ने सभी राज्यों को आधार को सिर्फ पहचान और पता प्रमाण के रूप में ही इस्तेमाल करने को कहा था।


अब ये दस्तावेज होंगे मान्य

आदेश में स्पष्ट किया गया है कि भविष्य में किसी भी भर्ती, प्रमोशन, पेंशन या अन्य सरकारी कार्यों में जन्म तिथि सत्यापन के लिए अब निम्नलिखित दस्तावेज ही मान्य होंगे:

  • शैक्षणिक प्रमाण पत्र: हाई स्कूल या समकक्ष परीक्षा की अंकतालिका/प्रमाण पत्र

  • जन्म प्रमाण पत्र: नगर निगम/ग्राम पंचायत द्वारा जारी किया गया जन्म प्रमाण पत्र

  • अन्य: पासपोर्ट, और सरकारी कर्मचारियों के लिए सेवा पुस्तिका (Service Manual)


लाखों लोगों पर पड़ेगा असर

इस फैसले से उन लाखों सरकारी कर्मचारियों और नौकरी के लिए आवेदन करने वाले युवाओं पर असर पड़ेगा, जो अब तक आधार कार्ड को त्वरित विकल्प मानते थे।

  • चुनौती: खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में जहाँ जन्म प्रमाण पत्र बनवाना आज भी चुनौती है, वहाँ लोगों को थोड़ी परेशानी हो सकती है।

  • सरकार का मत: हालांकि, सरकार का कहना है कि यह कदम दस्तावेजों की प्रामाणिकता बनाए रखने और धोखाधड़ी रोकने के लिए बेहद जरूरी था।