???????? यूपी मदरसा शिक्षक पाकिस्तान कनेक्शन: लंदन में रहते हुए भी मौलाना को UP सरकार से मिलती रही सैलरी, 4 वरिष्ठ अधिकारी सस्पेंड; 16.59 लाख की रिकवरी
UP Madrasa Shikshak Pakistan Connection: योगी सरकार का बड़ा एक्शन! लंदन में रह रहे मदरसा शिक्षक शमशुल हुदा खान को सैलरी देने के आरोप में अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के 4 अधिकारी सस्पेंड।
लखनऊ, उत्तर प्रदेश: योगी सरकार ने भ्रष्टाचार और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े एक बेहद गंभीर मामले में कड़ा एक्शन लिया है। आजमगढ़ के एक मदरसा शिक्षक शमशुल हुदा खान को, जिसके पाकिस्तान से अवैध कनेक्शन पाए गए थे, उसे ब्रिटेन में रहने के बावजूद वर्षों तक वेतन और अन्य लाभ दिलाने के आरोप में अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के चार वरिष्ठ अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
सरकार ने इन चारों अधिकारियों को विभागीय जांच के दायरे में लाया है। शिक्षक शमशुल हुदा खान से 16.59 लाख रुपये की रिकवरी के आदेश पहले ही जारी हो चुके हैं।
निलंबित होने वाले अधिकारी
निलंबित अधिकारियों पर आरोप है कि उन्होंने मदरसा प्रबंधन के साथ मिलीभगत कर सरकारी धन के दुरुपयोग को बढ़ावा दिया:
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एस.एन. पांडेय: संयुक्त निदेशक (जेडी), अल्पसंख्यक कल्याण विभाग।
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साहित्य निकष सिंह: पूर्व डीएमओ आजमगढ़ (वर्तमान में गाजियाबाद में तैनात)।
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लालमन: पूर्व डीएमओ आजमगढ़ (वर्तमान में बरेली में तैनात)।
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प्रभात कुमार: पूर्व डीएमओ आजमगढ़ (वर्तमान में अमेठी में तैनात)।
निलंबन अवधि में सभी अधिकारियों को लखनऊ और झांसी में संबद्ध किया गया है।
???????? विदेश में रहते हुए भी लेता रहा वेतन
शमशुल हुदा खान आजमगढ़ के प्रसिद्ध मदरसा दारूल उलूम अहिले सुन्नत अशरफिया मिस्बाहुल उलूम में शिक्षक थे।
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नागरिकता: 19 दिसंबर 2013 को ही शमशुल हुदा खान ने ब्रिटेन की नागरिकता ले ली थी।
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वेतन जारी: यह तथ्य छिपाया गया और वह 31 जुलाई 2017 तक लगातार वेतन लेता रहा। इतना ही नहीं, अनुपस्थिति में उसे अनियमित चिकित्सा अवकाश स्वीकृत कराया गया और VRS लेने के बाद भी जीपीएफ, पेंशन और अन्य सेवानिवृत्ति लाभ हासिल किए।
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यात्राएं: इस दौरान वह ब्रिटेन में रहते हुए ऑस्ट्रेलिया, सिंगापुर, श्रीलंका की यात्राएं करता रहा और खाड़ी देशों से 2-3 बार पाकिस्तान भी गया।
यूपी एटीएस (UP ATS) की जांच में शमशुल हुदा खान के पाकिस्तान से अवैध संबंध सामने आए थे, जिसके बाद यह मामला और भी गंभीर हो गया। माना जा रहा है कि इस मामले में आगे और भी अधिकारियों-कर्मचारियों पर गाज गिर सकती है।