यूपी एनसीआर डीजल ऑटो बैन: नोएडा-गाजियाबाद में डीजल ऑटो पर कंपलीट बैन! प्रदूषण पर योगी सरकार का बड़ा एक्शन प्लान, जानें अन्य जिलों का शेड्यूल

UP NCR Diesel Auto Ban: यूपी सरकार ने NCR में प्रदूषण रोकने के लिए नोएडा और गाजियाबाद में डीजल ऑटो पर कंपलीट बैन लगाया। अन्य जिलों में 2026 तक चरणबद्ध रोक लगेगी।

Nov 22, 2025 - 19:47
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यूपी एनसीआर डीजल ऑटो बैन: नोएडा-गाजियाबाद में डीजल ऑटो पर कंपलीट बैन! प्रदूषण पर योगी सरकार का बड़ा एक्शन प्लान, जानें अन्य जिलों का शेड्यूल

लखनऊ, उत्तर प्रदेश: राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में बढ़ते वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने बड़ा और कड़ा फैसला लिया है। वाहनों से होने वाले प्रदूषण को रोकने के लिए, परिवहन विभाग ने गौतमबुद्धनगर (नोएडा) और गाजियाबाद में डीजल से चलने वाले ऑटो रिक्शा के संचालन पर तत्काल प्रभाव से पूरी तरह प्रतिबंध लगाने का आदेश जारी किया है।

योगी सरकार का लक्ष्य है कि दिल्ली से सटे जिलों में वायु गुणवत्ता में सुधार किया जाए। यह कदम दिल्ली से सटे यूपी के जिलों में प्रदूषण नियंत्रण के लिए बेहद अहम माना जा रहा है।


यूपी एनसीआर डीजल ऑटो बैन का चरणबद्ध प्लान

परिवहन विभाग ने NCR के शेष जिलों में भी चरणबद्ध तरीके से डीजल ऑटो रिक्शा पर रोक लगाने का विस्तृत शेड्यूल जारी किया है:

जिला प्रतिबंध की अंतिम तिथि
गौतमबुद्धनगर (नोएडा) तत्काल प्रभाव से लागू
गाजियाबाद तत्काल प्रभाव से लागू
बागपत 31 दिसंबर 2025
मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, मुजफ्फरनगर, शामली 31 दिसंबर 2026

सरकार का मानना है कि यह कदम वाहनों से होने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करने और साफ हवा सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ी पहल है।


सड़क धूल और वाहन प्रदूषण पर सख्ती

योगी सरकार ने सिर्फ डीजल ऑटो पर प्रतिबंध लगाकर ही नहीं, बल्कि सड़क धूल और अन्य कारणों से होने वाले प्रदूषण पर भी सख्ती दिखाई है।

  • मेकेनिकल क्लीनिंग: नोएडा और ग्रेटर नोएडा में एंटी स्मॉग गन, स्प्रिंकल सिस्टम, और मेकेनिकल रोड क्लीनिंग के कार्यों में तेजी लाई गई है।

  • PMU का गठन: प्रदूषण को नियंत्रित करने और योजनाओं की निगरानी के लिए राज्य स्तर पर एक प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग यूनिट (PMU) बनाई गई है। इसमें पर्यावरण, नगरीय विकास, आवास और औद्योगिक विकास विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को शामिल किया गया है।

सरकार का साफ हवा पर फोकस है और उम्मीद जताई जा रही है कि सड़क पुनर्विकास, धूल दमन और वाहन प्रदूषण नियंत्रण को लेकर बनाई गई इस नीति से आने वाले महीनों में जमीन पर बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे, जिससे NCR के लोगों को प्रदूषण से राहत मिलेगी।