हरहुआ ब्लॉक में टीबी जांच शिविर, 95 लोगों की एआई आधारित एक्स-रे स्क्रीनिंग

हरहुआ ब्लॉक के कुरौली गांव में राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के तहत आयोजित टीबी जांच शिविर में 95 लोगों की एआई आधारित एक्स-रे स्क्रीनिंग की गई। 14 संदिग्ध मरीजों के नमूने जांच के लिए भेजे गए।

Jun 7, 2026 - 18:53
Jun 7, 2026 - 19:02
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हरहुआ ब्लॉक में टीबी जांच शिविर, 95 लोगों की एआई आधारित एक्स-रे स्क्रीनिंग

वाराणसी। राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के तहत हरहुआ ब्लॉक के ग्राम पंचायत कुरौली स्थित प्राथमिक विद्यालय में शनिवार को विशेष टीबी जांच एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर श्री शिव प्रसाद गुप्त मंडलीय चिकित्सालय कबीरचौरा, एचएलएफपीपीटी (HLFPPT) संस्था और श्री लक्ष्मीकुंड फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हुआ।

शिविर में ग्रामीणों की स्वास्थ्य जांच के लिए आधुनिक एआई आधारित एक्स-रे तकनीक का उपयोग किया गया। कुल 95 लोगों की स्क्रीनिंग की गई, जिनमें से 14 लोगों में टीबी के संभावित लक्षण पाए जाने पर उनके नमूने आगे की जांच के लिए भेजे गए।

कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में टीबी के प्रति जागरूकता बढ़ाना और संभावित मरीजों की समय रहते पहचान कर उन्हें उचित उपचार उपलब्ध कराना था। शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लेकर अपनी जांच कराई और स्वास्थ्य विशेषज्ञों से टीबी से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की।

स्वास्थ्य विभाग के विशेषज्ञों ने लोगों को बताया कि दो सप्ताह से अधिक समय तक खांसी रहना, लगातार बुखार आना, वजन कम होना, भूख न लगना और अत्यधिक कमजोरी टीबी के प्रमुख लक्षण हो सकते हैं। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच करानी चाहिए।

विशेषज्ञों ने यह भी बताया कि टीबी का इलाज पूरी तरह संभव है और सरकार द्वारा जांच से लेकर दवाओं एवं उपचार तक की सभी सुविधाएं निःशुल्क उपलब्ध कराई जाती हैं। शिविर में उपलब्ध सभी सेवाएं भी पूरी तरह मुफ्त रहीं।

शिविर के दौरान हरहुआ स्वास्थ्य केंद्र की आशा कार्यकर्ता मधु पाठक और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता उपस्थित रहीं। वहीं श्री लक्ष्मीकुंड फाउंडेशन की ओर से मनोज कुमार ने कार्यक्रम के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। श्री शिव प्रसाद गुप्त मंडलीय चिकित्सालय की ओर से तकनीशियन दीपक, मोहम्मद अहमद और सरोज ने जांच एवं स्वास्थ्य सेवाओं में सक्रिय सहयोग प्रदान किया।

कार्यक्रम के अंत में श्री लक्ष्मीकुंड फाउंडेशन ने ग्रामीणों से अपील की कि टीबी के लक्षणों को नजरअंदाज न करें और समय पर जांच कराकर स्वयं तथा समाज को इस बीमारी से मुक्त बनाने में सहयोग करें।