गुना एंबुलेंस लापरवाही: सूअर के हमले में घायल महिला के लिए 108 पर कॉल करते रहे परिजन, एंबुलेंस नहीं आई; खटिया पर लादकर पहुंचाया हॉस्पिटल
Guna Ambulance Laparwahi: गुना में सूअर के हमले में घायल महिला को 108 एंबुलेंस नहीं मिली। परिजन खटिया पर लादकर अस्पताल ले गए। 108 सेवा पर बड़ी लापरवाही का आरोप।
गुना, मध्य प्रदेश: मध्य प्रदेश के गुना जिले में 108 एंबुलेंस सेवा की घोर लापरवाही का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। मकसूदनगढ़ इलाके में जंगली सूअर के हमले में गंभीर रूप से घायल एक महिला को समय पर चिकित्सा सहायता नहीं मिल सकी। परिजनों द्वारा कई बार 108 पर कॉल करने के बावजूद एंबुलेंस मौके पर नहीं पहुंची, जिसके चलते मजबूरन उन्हें महिला को खटिया पर लादकर कई किलोमीटर दूर अस्पताल ले जाना पड़ा।
फिलहाल, प्राथमिक उपचार के बाद महिला की गंभीर हालत को देखते हुए उसे गुना जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है।
जंगली सूअर के हमले में हुई थी घायल
यह घटना गुना जिले के मकसूदनगढ़ इलाके की है। महिला जंगल में लकड़ी बीनने गई थी, तभी एक जंगली सूअर ने अचानक उन पर हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गईं।
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लापरवाही: घटना की जानकारी मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे और तत्काल सहायता के लिए 108 एंबुलेंस को कई बार कॉल किया। लेकिन ग्रामीण क्षेत्र होने के कारण, बार-बार कॉल करने के बावजूद एंबुलेंस नहीं आई।
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खटिया बनी एंबुलेंस: सरकारी मदद न मिलने और लगातार हो रही देरी के चलते, परिजनों और गांव के लोगों ने मिलकर एक खटिया को ही 'एंबुलेंस' बना डाला।
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कई किलोमीटर पैदल: वे घायल महिला को खटिया पर लिटाकर कंधों पर उठाकर कई किलोमीटर लंबी दूरी तक पैदल चले। इसके बाद, किसी निजी साधन से महिला को मकसूदनगढ़ सरकारी अस्पताल पहुंचाया गया।
ग्रामीण क्षेत्रों में सुविधा पर सवाल
गांव वालों ने 108 एंबुलेंस सेवा पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
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आरोप: उनका कहना है कि 108 के कर्मचारी कॉल तो उठा लेते हैं, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों को प्राथमिकता नहीं देते और बहाने बनाते हैं।
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स्वास्थ्य व्यवस्था पर प्रश्न: यह घटना उस 108 एंबुलेंस सेवा पर सवाल खड़े करती है, जिस पर सरकार हर साल करोड़ों रुपये खर्च करती है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में जरूरतमंदों को समय पर सुविधा नहीं मिल पाती है।
मकसूदनगढ़ अस्पताल से महिला को तुरंत गुना जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है, जहां उनकी हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है।