Varanasi News: होली हार्ट्स स्कूल ने 'रिवाज़ से रिश्ते तक' के जरिए जीवंत की परंपराएं, मंच पर दिखा संस्कारों का संगम
वाराणसी के होली हार्ट्स स्कूल ने नागरी नाटक मंडली में 'रिवाज़ से रिश्ते तक' कार्यक्रम का आयोजन किया। विवाह संस्कारों और सांस्कृतिक परंपराओं के जरिए दिया रिश्तों की मजबूती का संदेश।
वाराणसी से अश्वनी सेठ की रिपोर्ट
वाराणसी। शिक्षा की नगरी काशी में होली हार्ट्स स्कूल द्वारा आयोजित सांस्कृतिक संध्या ने भारतीय संस्कारों की एक अनुपम छटा बिखेरी। कबीरचौरा स्थित नागरी नाटक मंडली के सभागार में प्रस्तुत कार्यक्रम ‘रिवाज़ से रिश्ते तक’ ने न केवल दर्शकों का मन मोहा, बल्कि आधुनिक युग में हमारी लुप्त होती परंपराओं की प्रासंगिकता को भी प्रभावशाली ढंग से पुनर्जीवित किया।
विवाह संस्कारों का सजीव चित्रण
स्कूल के निदेशक डॉ. अंचित ठुकराल के मार्गदर्शन एवं चेयरपर्सन निशा ठुकराल के कुशल नेतृत्व में आयोजित इस समारोह में रिश्तों की गहराई को दर्शाया गया। कार्यक्रम का मुख्य केंद्र बिंदु भारतीय विवाह संस्कार और उनमें निहित पारिवारिक मूल्य रहे। मंच पर प्रेम, सम्मान, प्रतिबद्धता और सामाजिक एकता जैसे मानवीय मूल्यों का ऐसा सजीव चित्रण हुआ कि दर्शक भावविभोर हो उठे।
आकर्षक प्रस्तुतियाँ और सांस्कृतिक झलक
कार्यक्रम में कई ऐसी प्रस्तुतियाँ रहीं जिन्होंने दर्शकों को अपनी कुर्सियों से बांधे रखा:
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रंगमंच की रंगोली और बंधन: रिश्तों की शुरुआत और उनके बंधनों की मजबूती का प्रदर्शन।
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महफिल-ए-मेहंदी और मुबारक निकाह: गंगा-जमुनी तहजीब को समेटे हुए विवाह की खूबसूरत रस्मों का मंचन।
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सात फेरों की साथियाँ: हिंदू विवाह पद्धति के सात वचनों और अटूट साथ की भावनात्मक प्रस्तुति।
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दावत-ए-खुशआमदीद: भारतीय अतिथि सत्कार और मिलनसार संस्कृति की सुंदर झलक।
परंपराएँ ही रिश्तों की नींव: डॉ. अंचित ठुकराल
इस अवसर पर विद्यालय प्रबंधन ने यह सशक्त संदेश दिया कि बदलते समय और आधुनिकता की दौड़ में भी हमारी परंपराएँ ही रिश्तों को जोड़ने वाली मजबूत कड़ी हैं। डॉ. अंचित ठुकराल ने बताया कि ऐसे कार्यक्रमों का उद्देश्य विद्यार्थियों को अपनी जड़ों से जोड़ना है।
Varanasi News के इस विशेष आयोजन की सफलता पर विद्यालय प्रशासन ने सभी समन्वयकों, शिक्षकों, विद्यार्थियों और विशेष रूप से सहयोग के लिए अभिभावकों के प्रति आभार व्यक्त किया।