वाराणसी कफ सिरप स्कैम गिरफ्तार: 7 करोड़ का फर्जीवाड़ा! SOG और कोतवाली पुलिस ने 02 अभियुक्तों को दबोचा, फर्जी डॉक्यूमेंट से कर रहे थे कोडाइनयुक्त सिरप का धंधा

Varanasi Cough Syrup Scam Girftar: वाराणसी में 7 करोड़ के कफ सिरप स्कैम में 02 अभियुक्त (विशाल जायसवाल, बादल आर्य) गिरफ्तार। फर्जी लाइसेंस और कूटरचित दस्तावेजों से अवैध व्यापार।

Dec 8, 2025 - 15:46
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वाराणसी कफ सिरप स्कैम गिरफ्तार: 7 करोड़ का फर्जीवाड़ा! SOG और कोतवाली पुलिस ने 02 अभियुक्तों को दबोचा, फर्जी डॉक्यूमेंट से कर रहे थे कोडाइनयुक्त सिरप का धंधा

वाराणसी: पुलिस आयुक्त के निर्देश पर, अपराधों की रोकथाम और बड़े मामलों के सफल अनावरण के क्रम में, वाराणसी पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। SOG और थाना कोतवाली पुलिस की संयुक्त टीम ने कोडाइनयुक्त कफ सिरप स्कैम से संबंधित एक गंभीर मामले में दो मुख्य अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है।

गिरफ्तार किए गए दोनों अभियुक्तों ने आपराधिक षड्यंत्र के तहत जाली व कूटरचित दस्तावेज़ों का उपयोग कर फर्जी ड्रग लाइसेंस प्राप्त किया और करीब 7 करोड़ रुपये से अधिक का कोडाइनयुक्त कफ सिरप का अवैध व्यापार किया।


गिरफ्तार अभियुक्तों का विवरण

अभियुक्तों को दिनांक 07 दिसंबर 2025 को थाना कोतवाली परिसर से गिरफ्तार किया गया।

अभियुक्त फर्म का नाम व्यापार का अनुमानित मूल्य
विशाल कुमार जायसवाल (उम्र 34 वर्ष) हरी ओम फार्मा 4,18,000 शीशी सिरप का क्रय-विक्रय (करीब ₹5 करोड़)
बादल आर्य (उम्र 33 वर्ष) काल भैरव ट्रेडर्स 1,23,000 शीशी सिरप का क्रय-विक्रय (करीब ₹2 करोड़)

फर्जीवाड़े का तरीका और कमीशन

पुलिस पूछताछ में अभियुक्तों ने पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा किया:

  1. षड्यंत्र: अभियुक्तों की मुलाकात 'श्री हरी फार्मा एण्ड सर्जिकल एजेन्सी' के प्रोपराइटर अमित जायसवाल और 'शैली ट्रेडर्स रांची (झारखण्ड)' के कंपीटेंट पर्सन शुभम जायसवाल से हुई थी।

  2. लालच: इन लोगों ने कम समय में ज्यादा कमाई करने का लालच देकर कफ सिरप के अवैध व्यापार के लिए प्रेरित किया।

  3. फर्जी लाइसेंस: अभियुक्तों ने फर्जी रेंट एग्रीमेंट, फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र आदि कूटरचित दस्तावेज़ तैयार कराकर ड्रग लाइसेंस बनवाए।

  4. ऑपरेशन: अभियुक्तों की फर्म सिर्फ दिखाने के लिए थीं। 'शैली ट्रेडर्स' से आने वाला माल इनकी फर्म में न आकर दूसरी जगह भेज दिया जाता था।

  5. कमीशन: शुभम जायसवाल के निर्देश पर दिवेश जायसवाल के माध्यम से इन्हें प्रतिमाह ₹30,000 से ₹40,000 के बीच कमीशन दिया जाता था।

अभियुक्तों ने फर्जी ई-वे बिल भी तैयार किए थे, जिसकी पुष्टि वाहनों के स्वामियों के बयान से हुई है।


दर्ज अभियोग

इस मामले में थाना कोतवाली में मु0अ0सं0- 235/2025 धारा 8/21/29 एनडीपीएस एक्ट के साथ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराएँ जोड़ी गई हैं।

वाराणसी कफ सिरप स्कैम गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक श्री दया शंकर सिंह (थाना कोतवाली) और उ0नि0 गौरव सिंह (प्रभारी एसओजी प्रथम) शामिल थे।