Varanasi News: 108 एम्बुलेंस के EMT की सूझबूझ से बची बुजुर्ग महिला की जान; 70% तक गिर गया था ऑक्सीजन लेवल
वाराणसी में 108 एम्बुलेंस के ईएमटी गोविन्द वर्मा और पायलट अमन ने सांस की मरीज महिला का ऑक्सीजन लेवल 70 से 97% तक पहुँचाकर उनकी जान बचाई।
वाराणसी से अश्वनी सेठ की रिपोर्ट
वाराणसी। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा संचालित 108 एम्बुलेंस सेवा एक बार फिर मरीजों के लिए 'देवदूत' साबित हुई है। वाराणसी में सांस लेने की गंभीर समस्या से जूझ रही एक 50 वर्षीय महिला को एम्बुलेंस कर्मियों ने न केवल समय पर अस्पताल पहुँचाया, बल्कि रास्ते में ही उनका गिरता हुआ ऑक्सीजन लेवल रिकवर कर उनकी जान बचाई।
पुलिस लाइन के पास बिगड़ी थी हालत
मिली जानकारी के अनुसार, बुधवार को वाराणसी पुलिस लाइन क्षेत्र में सरिता (पत्नी अवधेश, उम्र 50 वर्ष, निवासी- गंगापुर, थाना सदर) को अचानक सांस लेने में भारी तकलीफ होने लगी। परिजनों ने तत्काल 108 एम्बुलेंस सेवा को फोन किया। सूचना मिलते ही एम्बुलेंस संख्या UP32EG4824 मौके पर पहुँच गई।
EMT की सूझबूझ और डॉक्टर का मार्गदर्शन
एम्बुलेंस के पायलट अमन कुमार और ईएमटी (EMT) गोविन्द वर्मा ने बिना देर किए मरीज को एम्बुलेंस में शिफ्ट किया। जांच के दौरान पाया गया कि महिला का ऑक्सीजन लेवल तेजी से गिरकर 70-80% के आसपास पहुँच गया था, जिससे उनकी स्थिति चिंताजनक हो गई थी।
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ईएमटी गोविन्द वर्मा ने अपनी सूझबूझ का परिचय देते हुए तत्काल ERCP डॉक्टर रोचना मैम से संपर्क किया।
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डॉक्टर के सुझाव पर मरीज को सिंपल फेस मास्क के जरिए हाई-फ्लो ऑक्सीजन दी गई और निरंतर वाइटल्स चेक किए गए।
अस्पताल पहुँचते ही मिला नया जीवन
कबीरचौरा स्थित जिला अस्पताल (शिवप्रसाद गुप्त अस्पताल) पहुँचते-पूँछते ईएमटी के प्राथमिक उपचार के कारण महिला का ऑक्सीजन लेवल 97% तक पहुँच गया, जिससे उनकी जान पर मंडरा रहा खतरा टल गया। अस्पताल के डॉक्टरों और मरीज के परिजनों ने 108 सेवा के पायलट और ईएमटी की कार्यकुशलता की जमकर सराहना की।
यह घटना साबित करती है कि यदि समय पर सही प्राथमिक उपचार मिले, तो एम्बुलेंस में तैनात प्रशिक्षित कर्मचारी किसी भी अनहोनी को टाल सकते हैं।