Varanasi News: अयोध्या रामलला प्राण-प्रतिष्ठा की तीसरी वर्षगांठ पर काशी में उत्सव; डॉ. प्रवीण तोगड़िया की उपस्थिति में गूँजा 'जय श्रीराम'

वाराणसी के सिखरोल में अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद द्वारा रामलला प्राण-प्रतिष्ठा की तीसरी वर्षगांठ मनाई गई। डॉ. प्रवीण तोगड़िया की मौजूदगी में सुंदरकांड और महाआरती संपन्न।

Jan 22, 2026 - 15:35
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Varanasi News: अयोध्या रामलला प्राण-प्रतिष्ठा की तीसरी वर्षगांठ पर काशी में उत्सव; डॉ. प्रवीण तोगड़िया की उपस्थिति में गूँजा 'जय श्रीराम'

वाराणसी से गोलू शर्मा की रिपोर्ट 

वाराणसी। अयोध्या में प्रभु श्री रामलला की ऐतिहासिक प्राण-प्रतिष्ठा के तीन वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में काशी की धरा पर भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला।

अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद (AHP) एवं राष्ट्रीय बजरंग दल द्वारा सिखरोल (भजुवीर) स्थित ऐतिहासिक मां शीतला माता मंदिर प्रांगण में भव्य वार्षिकोत्सव का आयोजन किया गया। इस गौरवशाली अवसर पर 'हिंदू हृदय सम्राट' डॉ. प्रवीण भाई तोगड़िया का आगमन हुआ, जिनका काशीवासियों ने अभूतपूर्व स्वागत किया।

सुंदरकांड और महाआरती से भक्तिमय हुई काशी

प्राण-प्रतिष्ठा की तीसरी वर्षगांठ पर कार्यक्रम की शुरुआत श्री रामलला के भव्य अभिषेक और मनमोहक श्रृंगार के साथ हुई। इसके उपरांत सामूहिक सुंदरकांड पाठ और हनुमान चालीसा के सस्वर वाचन से पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया। संध्या बेला में आयोजित भजन संध्या ने भक्तों को भाव-विभोर कर दिया, जिसके बाद महाआरती और विशाल भंडारे का आयोजन किया गया।

डॉ. प्रवीण तोगड़िया का भव्य अभिनंदन

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पधारे डॉ. प्रवीण भाई तोगड़िया का परिषद के पदाधिकारियों द्वारा अंगवस्त्र और स्मृति-चिह्न भेंट कर हार्दिक अभिनंदन किया गया।

इस दौरान डॉ. तोगड़िया ने राम मंदिर आंदोलन के संघर्षों को याद करते हुए वर्तमान पीढ़ी को सांस्कृतिक मूल्यों से जुड़ने का आह्वान किया।

इनका रहा सराहनीय योगदान

इस पूरे अनुष्ठान का नेतृत्व विभाग उपाध्यक्ष संतोष द्विवेदी (उर्फ पप्पू) द्वारा किया गया। आयोजन को सफल बनाने में विभाग उपाध्यक्ष संतोष द्विवेदी, संतोष निगम और राष्ट्रीय बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने सक्रिय भूमिका निभाई।

सिखरोल पोखरा (भजुवीर) क्षेत्र के हजारों श्रद्धालुओं ने इस पावन उत्सव में सम्मिलित होकर प्रसाद ग्रहण किया और रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा के तीन सफल वर्ष पूर्ण होने की खुशियाँ मनाईं।