Varanasi News: संतों के विरोध के बीच नगर निगम का बड़ा फैसला; मठ-मंदिरों को देना होगा जल और सीवर टैक्स

वाराणसी में संतों के विरोध के बाद नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि मठ-मंदिरों को गृह कर से छूट है, लेकिन जल और सीवर टैक्स देना अनिवार्य है।

Dec 18, 2025 - 16:49
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Varanasi News: संतों के विरोध के बीच नगर निगम का बड़ा फैसला; मठ-मंदिरों को देना होगा जल और सीवर टैक्स
Varanasi News: संतों के विरोध के बीच नगर निगम का बड़ा फैसला; मठ-मंदिरों को देना होगा जल और सीवर टैक्स

Varanasi News: वाराणसी में मठ-मंदिरों पर लगाए जा रहे टैक्स को लेकर छिड़े विवाद और संतों के कड़े विरोध के बाद नगर निगम ने अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है। बृहस्पतिवार को नगर निगम मुख्यालय में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने टैक्स नियमों और छूट के दायरे को लेकर विस्तृत जानकारी साझा की।

40 मठ-मंदिरों को देना होगा जल और सीवर कर

नगर आयुक्त ने बताया कि वाराणसी के कोतवाली जोन में अब तक 40 प्रमुख मठ-मंदिरों को चिह्नित किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नगर निगम अधिनियम 1959 के तहत धार्मिक और चैरिटेबल ट्रस्टों को गृह कर (House Tax) से तो मुक्त रखा गया है, लेकिन जलकर और सीवर कर से कोई पूर्ण छूट नहीं दी गई है। उन्होंने कहा कि जिन संस्थानों के पास 80G का प्रमाणपत्र है, उन्हें नियमानुसार 50% जल और सीवर कर का भुगतान करना ही होगा।

एकीकृत बिलिंग प्रणाली बनी चर्चा का विषय

नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने जानकारी दी कि पहले गृहकर और जलकल विभाग के बिल अलग-अलग जारी होते थे। लेकिन शासन के नए निर्देशों के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025-26 से गृहकर, जलकर और सीवरकर का एकीकृत (Joint Bill) जारी किया जा रहा है। इसी क्रम में जिन संपत्तियों पर 20 हजार रुपये से अधिक का बकाया है, उन्हें 'डिमांड नोटिस' जारी किए जा रहे हैं।

पातालपुरी मठ का मामला और गृहकर से मुक्ति

प्रेस कॉन्फ्रेंस में पातालपुरी मठ को लेकर मचे हंगामे पर भी सफाई दी गई। नगर आयुक्त ने बताया कि 7 नवंबर को पातालपुरी मठ को नोटिस जारी हुआ था, जिस पर मठ के प्रतिनिधियों ने 9 नवंबर को आपत्ति दर्ज कराई। मामले का तत्काल संज्ञान लेते हुए नगर निगम ने पातालपुरी मठ को गृहकर (House Tax) से मुक्त कर दिया है, हालांकि जल और सीवर शुल्क देय होंगे।

चिह्नीकरण की प्रक्रिया जारी

Varanasi News के अनुसार, नगर निगम वर्तमान में सार्वजनिक उपासना स्थलों को कर मुक्त (गृह कर के संदर्भ में) करने के लिए सर्वे और चिह्नीकरण का अभियान चला रहा है। अब तक कोतवाली जोन में 40 ऐसे स्थल चिह्नित किए जा चुके हैं, जिन्हें गृह कर से राहत दी जाएगी, लेकिन सेवाओं के बदले लिए जाने वाले शुल्क का भुगतान करना होगा।