बिहार नेपाल सीमा मानव तस्करी: बॉर्डर से गायब हो रहीं बेटियां, 6 महीने में 100 से ज्यादा लापता; विदेश में करोड़ों में हो रहा सौदा, मानवाधिकार आयोग पहुंची गुहार
Bihar Nepal Seema Manav Taskari: भारत-नेपाल सीमा से 6 महीने में 100 से ज्यादा लड़कियां गायब। विदेशों में करोड़ों में हो रहा सौदा। मामला मानवाधिकार आयोग पहुंचा, उच्चस्तरीय जांच की मांग।
मोतिहारी, बिहार: भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र से मानव तस्करी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने सुरक्षा एजेंसियों और स्थानीय प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पिछले 6 महीने में 100 से ज्यादा लड़कियां सीमावर्ती क्षेत्रों से रहस्यमय ढंग से गायब हो चुकी हैं। आरोप है कि अंतरराष्ट्रीय मानव तस्करों का एक बड़ा सिंडिकेट इन लड़कियों को करोड़ों रुपये में विदेशों में बेच रहा है।
बिहार नेपाल सीमा मानव तस्करी का यह गंभीर मामला अब राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) पहुंच गया है, जहाँ उच्चस्तरीय जांच की मांग की गई है।
जबरन बेच दी जा रहीं बेटियां
मानवाधिकार मामलों के वकील SK झा ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग और बिहार राज्य मानवाधिकार आयोग में दो अलग-अलग याचिकाएं दायर की हैं।
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अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट: वकील झा ने बताया कि भारत, नेपाल, चीन, ब्राजील, सऊदी अरब और अन्य देशों के मानव तस्करों का सिंडिकेट इन लड़कियों को ऊंचे दामों पर बेचकर लाखों-करोड़ों रुपये का मुनाफा कमा रहा है।
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लापता लड़कियों की संख्या: रक्सौल अनुमंडल के तहत जुलाई से नवंबर 2025 के बीच 83 लड़कियों के लापता होने का विवरण दिया गया है।
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उपयोग: गायब हुई लड़कियों को देह व्यापार, शादी, बॉडी पार्ट्स की खरीद-फरोख्त, बच्चा पैदा करने (जनरेशन चेंज) और नशीले पदार्थों की तस्करी जैसे घिनौने कामों के लिए विदेशों (जम्मू-कश्मीर, पुडुचेरी, सऊदी अरब, दुबई, अर्जेंटीना, चीन) में बेचा जा रहा है।
पुलिस की कार्यशैली पर सवाल
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रेस्क्यू: पिछले दिनों महज एक दर्जन लड़कियों को ही रेस्क्यू किया जा सका था, जबकि बाकी अब भी लापता हैं।
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डर का माहौल: लगातार ऐसी घटनाओं के घटने से बॉर्डर क्षेत्र के परिजनों के बीच डर और खौफ का माहौल है।
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मानवता का संकट: वकील SK झा ने कहा कि यह मामला काफी संवेदनशील और मानवता को शर्मसार करने वाला है, और यह पुलिस की कार्यशैली और प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवालिया निशान खड़े करता है।