यूपी मेट्रो विस्तार 1575 KM: गोरखपुर, बरेली और मेरठ समेत हर शहर में दौड़ेगी मेट्रो, ₹1,527 करोड़ निवेश से बदलेगी UP की तस्वीर

UP Metro Vistar 1575 KM: योगी सरकार का मेगा प्लान! 2047 तक UP में 1575 KM मेट्रो नेटवर्क प्रस्तावित। गोरखपुर, प्रयागराज, वाराणसी समेत 9 छोटे शहरों में 50-50 किमी के कॉरिडोर की योजना।

Dec 1, 2025 - 14:24
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यूपी मेट्रो विस्तार 1575 KM: गोरखपुर, बरेली और मेरठ समेत हर शहर में दौड़ेगी मेट्रो, ₹1,527 करोड़ निवेश से बदलेगी UP की तस्वीर

लखनऊ, उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश लगातार 'उत्तम प्रदेश' की ओर कदम बढ़ाते हुए अब अपने छोटे और मध्यम शहरों में भी मेट्रो रेल नेटवर्क का जाल बिछाने जा रहा है। उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (UPMRC) ने 'विकसित भारत @2047' कार्यशाला में एक महत्वाकांक्षी रोडमैप प्रस्तुत किया है, जिसके तहत राज्य में 1,575 किलोमीटर लंबा विशाल मेट्रो नेटवर्क प्रस्तावित है।

यूपी मेट्रो विस्तार 1575 KM के इस मेगा प्लान से उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा मेट्रो नेटवर्क वाला राज्य बन जाएगा। इस विशाल नेटवर्क के लिए अलग-अलग शहरों में कुल लगभग ₹1,527 करोड़ रुपये के निवेश की जरूरत होगी।


किन शहरों में कितना होगा विस्तार?

UPMRC के प्रबंध निदेशक सुशील कुमार ने बताया कि वर्तमान में लखनऊ, कानपुर और आगरा में मेट्रो चल रही है। भविष्य की योजना के तहत कई शहरों में मेट्रो नेटवर्क का विस्तार प्रस्तावित है:

शहर प्रस्तावित नेटवर्क (किलोमीटर) स्थिति
लखनऊ 225 किमी विस्तार प्रस्तावित (2047 तक)
कानपुर 200 किमी विस्तार प्रस्तावित (2047 तक)
आगरा 100 किमी विस्तार प्रस्तावित
नोएडा-ग्रेटर नोएडा, वाराणसी, प्रयागराज 150-150 किमी नए कॉरिडोर की योजना
गोरखपुर, बरेली, मुरादाबाद, मेरठ, झांसी, अयोध्या, मथुरा-वृंदावन, अलीगढ़, सहारनपुर 50-50 किमी मेट्रो नेटवर्क का प्रस्ताव

इस 1,575 किमी के नेटवर्क में से लगभग 790 किमी का लक्ष्य 2035 तक पूरा किया जाएगा।


फंडिंग मॉडल और लाभ

यूपी मेट्रो की परियोजनाएं गृह ऋण जैसी वित्तीय संरचना पर आधारित हैं, जिसमें आधी लागत भारत सरकार और राज्य सरकार इक्विटी के रूप में देती हैं, और बाकी 50% राशि अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों से ऋण के रूप में मिलती है।

  • लागत: लखनऊ, कानपुर और आगरा में प्रस्तावित मेट्रो विस्तार के लिए प्रति वर्ष लगभग ₹1,040 करोड़ की आवश्यकता होगी।

  • दक्षता: UPMRC के सभी मेट्रो सिस्टम वर्तमान में लाभ में हैं, जो टियर-2 शहरों में संचालन दक्षता का राष्ट्रीय स्तर पर मानक स्थापित करता है।

  • कनेक्टिविटी: Uber और Rapido के साथ समझौते किए गए हैं और स्टेशनों पर पार्किंग सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है ताकि लास्ट-माइल कनेक्टिविटी बेहतर हो सके।

यह व्यापक मेट्रो विस्तार उत्तर प्रदेश को सुरक्षित, स्वच्छ और भविष्य के लिए तैयार शहरी परिवहन के क्षेत्र में अग्रणी बनाएगा।