Varanasi 108 के EMT को दिया गया प्रशिक्षण: नियोनेटल केयर पर ज़ोर, एम्बुलेंस सेवा होगी और बेहतर (Varanasi 108 के EMT को दिया गया प्रशिक्षण)
Varanasi 108 के ईएमटी को दिया गया प्रशिक्षण: वाराणसी, गाजीपुर, चंदौली और सोनभद्र के एम्बुलेंस कर्मियों को नियोनेटल पेशेंट असेसमेंट और प्री-हॉस्पिटल केयर का विशेष प्रशिक्षण दिया गया।
वाराणसी: जिले में आम जनता को 108 और 102 एम्बुलेंस सेवा बेहतर सुविधाएं प्रदान कर रही है। इस महत्वपूर्ण आपातकालीन सेवा की गुणवत्ता को और भी उत्कृष्ट बनाने के लिए, हाल ही में एम्बुलेंस कर्मचारियों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। ईएमआरआई ग्रीन हेल्थ सर्विसेज द्वारा आयोजित इस कलस्टर बेस्ड ट्रेनिंग में चार जिलों – गाजीपुर, वाराणसी, चंदौली और सोनभद्र – के एम्बुलेंस ईएमटी (इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन) को प्रशिक्षित किया गया। यह पहल सुनिश्चित करेगी कि Varanasi 108 के ईएमटी को दिया गया प्रशिक्षण उच्च स्तर का हो।
नियोनेटल केयर और प्री-हॉस्पिटल ट्रीटमेंट
प्रशिक्षण सत्र का मुख्य केंद्र नवजात शिशुओं (Neonatal Patient) के आकलन (Assessment) और आपातकालीन स्थिति में प्री-हॉस्पिटल केयर प्रदान करने पर रहा। चूंकि नवजात शिशुओं की आपातकालीन स्थिति बेहद संवेदनशील होती है, इसलिए ईएमटी को विशेष रूप से सिखाया गया कि उन्हें घटनास्थल से अस्पताल ले जाते समय किस प्रकार का प्राथमिक उपचार और देखभाल देनी है।
ट्रेनर मनोज कुमार और सत्यप्रकाश यादव ने सभी एम्बुलेंस कर्मियों को एम्बुलेंस के रख-रखाव संबंधी ज़रूरी बातें बताईं, साथ ही उसमें उपलब्ध सभी उपकरणों के बारे में जानकारी दी। सबसे महत्वपूर्ण, उन्हें यह सिखाया गया कि आपात स्थिति में इन उपकरणों को कब और कैसे प्रभावी ढंग से इस्तेमाल करना है।
ईएमटी: स्वास्थ्य विभाग के मुख्य अंग
संस्था के प्रोग्राम मैनेजर ने सभी कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि आप सभी लोग स्वास्थ्य विभाग के मुख्य अंग हैं। उन्होंने ईएमटी को याद दिलाया कि जब वे मरीज को उनके स्थान से लेकर अस्पताल के लिए निकलते हैं, वह समय प्राथमिक उपचार की दृष्टि से मरीज के जीवन का सबसे महत्वपूर्ण समय होता है।
इस Varanasi 108 के ईएमटी को दिया गया प्रशिक्षण का उद्देश्य सभी जनमानस को बेहतर से बेहतर सुविधा देना है। कर्मचारियों को अपने कार्य को सही तरीके से और पूरी ईमानदारी से करने के लिए प्रेरित किया गया।
Varanasi 108 के ईएमटी को दिया गया प्रशिक्षण यह सुनिश्चित करता है कि संकट के समय, विशेषकर नवजात शिशुओं के मामले में, एम्बुलेंस कर्मचारी पूरी क्षमता और विशेषज्ञता के साथ कार्य कर सकें, जिससे बहुमूल्य जीवन को बचाया जा सके। यह कलस्टर ट्रेनिंग सेवा को निरंतर बेहतर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।