दिल्ली ब्लास्ट NIA जांच: 10 नवंबर के धमाके से पहले पैसों पर भिड़े थे 'डॉक्टर' आतंकी, मुजम्मिल ने रखी थी 2 शर्तें; 26 लाख रुपये की सेल्फ फंडिंग का खुलासा
Delhi Blast NIA Jaanch: 10 नवंबर के दिल्ली ब्लास्ट से पहले डॉक्टर उमर और मुजम्मिल के बीच पैसों पर झगड़ा हुआ था। ₹26 लाख की सेल्फ फंडिंग का खुलासा। NIA ने 6 आरोपियों को किया गिरफ्तार।
नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के लाल किले के पास 10 नवंबर को हुए सीरियल ब्लास्ट की जांच NIA (राष्ट्रीय जाँच एजेंसी) के हाथों में है। इस मामले में दिल्ली ब्लास्ट NIA जांच में एक बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। सूत्रों के अनुसार, इस जघन्य वारदात को अंजाम देने से ठीक पहले आतंकी मॉड्यूल के सदस्यों, खासकर डॉ. उमर मोहम्मद और डॉ. मुजम्मिल के बीच पैसों को लेकर तगड़ा झगड़ा हुआ था।
जांच में यह भी सामने आया है कि इस आतंकी साजिश के लिए सेल्फ फंडिंग की गई थी, जिसके तहत ₹26 लाख रुपये नकद जमा किए गए थे।
पैसों पर भिड़े दो डॉक्टर आतंकी
पैसों को लेकर हुआ यह विवाद इतना बढ़ गया था कि आतंकी मुजम्मिल ने मॉड्यूल के सामने दो कड़ी शर्तें रख दी थीं।
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विवाद की जड़: सूत्रों के मुताबिक, डॉ. उमर और डॉ. मुजम्मिल के बीच पैसों के हिसाब-किताब को लेकर झगड़ा हुआ था।
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मुजम्मिल की शर्तें: डॉ. मुजम्मिल ने शर्त रखी थी कि या तो पैसे वापस किए जाएं, या फिर विस्फोटक बनाने का सारा सामान उसके पास ही रखा जाए।
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समझौता: मॉड्यूल ने दूसरा विकल्प चुना, जिसके बाद सारा सामान मुजम्मिल के पास रखवाया गया। यही सामान मुजम्मिल की गिरफ्तारी (9 नवंबर) के बाद उसकी निशानदेही पर बरामद हुआ।
झगड़ा सुलझाने के लिए बना था सिग्नल ग्रुप
आतंकियों के बीच विवाद सुलझाने के लिए डॉ. उमर ने सिग्नल ऐप पर एक विशेष ग्रुप भी बनाया था, जिसमें उसने डॉ. मुजम्मिल समेत आदिल, मुफ़्फर और इरफ़ान को जोड़ा था, लेकिन विवाद नहीं सुलझ सका।
2 साल से रची जा रही थी साजिश
गिरफ्तार आतंकी मुजम्मिल ने जांच एजेंसी के सामने यह कबूल किया है कि उन्होंने साल 2023 में ही दिल्ली और कई अन्य शहरों में ब्लास्ट की साजिश रची थी।
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विस्फोटक का इंतजाम: मुजम्मिल ने बताया कि वे दो साल से ब्लास्ट के लिए विस्फोटक का इंतज़ाम कर रहे थे।
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जिम्मेदारियां: अमोनियम नाइट्रेट और यूरिया खरीदने की ज़िम्मेदारी मुजम्मिल की थी, जिसने गुरुग्राम से 26 क्विंटल NPK खाद खरीदा था। इस खाद को विस्फोटक में तब्दील करने की जिम्मेदारी डॉक्टर उमर मोहम्मद को दी गई थी, जिसे केमिकल, रिमोट और डिवाइस अरेंज करने का काम सौंपा गया था।
26 लाख रुपये की सेल्फ फंडिंग
दिल्ली ब्लास्ट NIA जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि इस साजिश के लिए किसी बाहरी फंडिंग की जगह मॉड्यूल के सदस्यों ने खुद ही रकम जुटाई थी:
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डॉ. मुजम्मिल: ₹5 लाख रुपये
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डॉ. आदिल अहमद राथर: ₹8 लाख रुपये
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डॉ. मुफ़्फर अहमद राथर: ₹6 लाख रुपये
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डॉ. उमर: ₹2 लाख रुपये
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डॉ. शाहीना शाहिद: ₹5 लाख रुपये
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कुल राशि: ₹26 लाख रुपये नकद में जमा कर डॉ. उमर को दिए गए थे।
NIA ने अब तक कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें डॉ. मुअज़म्मिल शकील गनई, डॉ. अदील अहमद राथर, डॉ. शहीन सईद, मुफ़्ती इरफ़ान अहमद वगाय शामिल हैं। गिरफ्तार अन्य दो आरोपी आमिर रशीद अली और जासिर बिलाल वानी हैं, जिन्होंने तकनीकी मदद और कार उपलब्ध कराई थी। NIA अब इस आतंकी मॉड्यूल के हर सदस्य तक पहुँचने की कोशिश कर रही है।