दिल्ली एनसीआर वायु प्रदूषण सुप्रीम कोर्ट: "हम हाथ पर हाथ धरे नहीं बैठ सकते", CJI ने CAQM से मांगा जवाब; प्रदूषण पर सुप्रीम कोर्ट की 10 बड़ी बातें
Delhi NCR Vayu Pradushan Supreme Court: CJI ने वायु प्रदूषण पर सख्त रुख दिखाते हुए CAQM को फटकारा। कहा, 'हम हाथ पर हाथ धरे नहीं बैठ सकते'। अल्पकालिक समाधानों पर 10 दिसंबर को होगी सुनवाई।
नई दिल्ली: दिल्ली-एनसीआर में गंभीर वायु प्रदूषण को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को सख्त रुख दिखाया। मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने कहा कि कोर्ट इस मामले को लंबे समय तक टालेगा नहीं, बल्कि नियमित आधार पर सुनवाई करेगा। CJI ने CAQM (वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग) की कार्ययोजना की प्रभावशीलता पर सवाल उठाए और अल्पकालिक समाधानों पर जोर दिया।
इस मामले में अगली सुनवाई 10 दिसंबर को होगी।
कोर्ट ने उठाए 10 बड़े सवाल और निर्देश
CJI सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने सुनवाई के दौरान CAQM, केंद्र और राज्य सरकारों की एजेंसियों से कई तीखे सवाल किए और सख्त निर्देश दिए:
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नियमित सुनवाई: CJI ने कहा, "हम इसे 3-4 महीने बाद सूचीबद्ध करने के बजाय नियमित आधार पर सुनवाई करेंगे।"
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हाथ पर हाथ धरे नहीं बैठ सकते: "हम हाथ पर हाथ धरे नहीं बैठ सकते। हम कोई अनुमान या पूर्वधारणा नहीं लगा सकते।"
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समाधान विशेषज्ञों से: CJI ने स्पष्ट कहा कि समाधान विशेषज्ञों से ही आना चाहिए, अदालतें सिर्फ विचार-विमर्श का मंच प्रदान कर सकती हैं।
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कार्ययोजना की प्रभावशीलता: कोर्ट ने CAQM से पूछा, "क्या योजना की प्रभावशीलता पर कोई प्रभाव पड़ेगा?" और "क्या आप कोई सकारात्मक प्रभाव डाल पाए हैं?"
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मूल्यांकन: कोर्ट ने कहा कि CAQM द्वारा उठाए गए कदमों का मूल्यांकन किया जाएगा।
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पराली पर रिपोर्ट: कोर्ट ने CAQM से एक हफ्ते के भीतर पराली जलाने के अलावा अन्य कारणों को रोकने के लिए उठाए गए प्रभावी उपायों पर एक रिपोर्ट मांगी।
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पराली राजनीतिक मुद्दा नहीं: CJI ने कहा कि पराली जलाने का मुद्दा अनावश्यक रूप से राजनीतिक या अहंकार का मुद्दा नहीं बनना चाहिए।
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अन्य प्रदूषण स्रोत: जस्टिस बागची ने कहा कि "सिर्फ़ जलाना ही एकमात्र मुद्दा नहीं है।" उन्होंने निर्माण पर लगे प्रतिबंध का कितना पालन हुआ, इस पर जवाब मांगा।
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कोविड और साफ आसमान: CJI ने पूछा, "कोविड के दौरान पराली जलाई जा रही थी, लेकिन फिर भी लोगों को साफ नीला आसमान क्यों दिखाई दे रहा था?"
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विशेषज्ञों की पृष्ठभूमि: कोर्ट ने कहा कि वे किसी और बात पर विचार करने से पहले CAQM के विशेषज्ञों की पृष्ठभूमि जानना चाहेंगे।
वकील की बिगड़ी थी तबीयत
पिछले दिनों SIR मामले में सुनवाई के दौरान, चुनाव आयोग के वकील राकेश द्विवेदी की कोर्ट में तबीयत बिगड़ गई थी, जिसके बाद CJI ने स्वास्थ्य कारणों को लेकर गंभीर चिंता जताई थी।
CJI ने कहा कि "हम इस मामले को लंबे समय तक सुनवाई टालने नहीं, करने जा रहे हैं। अगर हम फिर से स्थगित करते हैं तो इतिहास खुद को दोहराएगा।"