फर्जी लोन मामले में बैंक कर्मियों समेत अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज

वाराणसी के चोलापुर थाना क्षेत्र में जना स्मॉल फाइनेंस बैंक की हथियर कला शाखा में महिला के आधार कार्ड व अन्य दस्तावेजों का कथित दुरुपयोग कर फर्जी तरीके से ऋण लेने के मामले में मुकदमा दर्ज किया गया है। न्यायालय के आदेश के बाद पुलिस ने अपराध संख्या 338/2026 के तहत बैंक कर्मियों समेत अन्य के विरुद्ध विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज की है।

Aug 21, 2026 - 16:46
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फर्जी लोन मामले में बैंक कर्मियों समेत अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज

वाराणसी। चोलापुर थाना क्षेत्र स्थित जना स्मॉल फाइनेंस बैंक की हथियर कला शाखा में महिला के आधार कार्ड और अन्य दस्तावेजों का कथित रूप से दुरुपयोग कर उसके नाम पर ऋण लिए जाने के मामले में पुलिस ने आखिरकार मुकदमा दर्ज कर लिया है। पीड़िता ललिता का आरोप है कि उनके दस्तावेजों का इस्तेमाल कर उनकी जानकारी के बिना ऋण की प्रक्रिया पूरी की गई।

पीड़िता के मुताबिक, मामले में कार्रवाई के लिए उन्होंने बैंक अधिकारियों और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से लगातार शिकायत की, लेकिन प्रारंभिक स्तर पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने प्रबुद्धजन काशी न्यास के अध्यक्ष डॉ. संजय सिंह गौतम से संपर्क किया। डॉ. गौतम ने संबंधित अधिकारियों को पत्र भेजकर मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

बताया गया कि जांच के दौरान बैंक स्तर पर ऋण प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के तथ्य भी सामने आए। इसके बावजूद प्राथमिकी दर्ज न होने पर पीड़िता ने BNSS की धारा 173(4) के तहत न्यायालय का रुख किया। मामले में वरिष्ठ अधिवक्ता श्री सतीश तिवारी ने पैरवी की। न्यायालय ने पुलिस को प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया। आदेश के अनुपालन में देरी होने पर न्यायालय की ओर से थाना प्रभारी को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया।

इसके बाद 19 अगस्त 2026 को थाना चोलापुर में अपराध संख्या 338/2026 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता की धाराएं 319(2), 318(4), 338, 336(3), 340(2), 352 और 351(2) के साथ एससी/एसटी अधिनियम की धारा 3(2)(v) के तहत मामला दर्ज किया गया है।

डॉ. संजय सिंह गौतम ने कहा कि मुकदमा दर्ज होना पीड़िता को न्याय दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने उम्मीद जताई कि पुलिस मामले की निष्पक्ष और समयबद्ध विवेचना करेगी तथा जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

अब पुलिस विवेचना के दौरान यह स्पष्ट होगा कि कथित रूप से ऋण प्रक्रिया में किन लोगों की भूमिका रही और पीड़िता के दस्तावेजों का किस प्रकार इस्तेमाल किया गया।

संपर्क: डॉ. संजय सिंह गौतम अध्यक्ष, प्रबुद्धजन काशी न्यास