ग्रेटर नोएडा के रिहायशी सेक्टरों से हटेंगी रेहड़ियां, वेंडिंग जोन में 9 इलाकों में होगा आवंटन
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ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण ने रिहायशी सेक्टरों में अव्यवस्थित रूप से लगने वाली रेहड़ी-पटरी की समस्या को खत्म करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। इस महीने लॉटरी के जरिए वेंडिंग जोन में स्थान आवंटित किए जाएंगे।
पहले चरण में इन 9 सेक्टरों में आवंटन
प्राधिकरण ने पहले चरण में जिन सेक्टरों में वेंडिंग जोन विकसित किए हैं और दुकानें बनाई हैं, उनकी संख्या नौ है। इस योजना के लागू होने से रिहायशी इलाकों को अतिक्रमण से राहत मिलेगी और पथ विक्रेताओं को भी स्थायी रोजगार का सहारा मिलेगा।
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आवंटन के लिए तैयार 4 सेक्टर: बीटा-1, बीटा-2, अल्फा-2 और सेक्टर-36।
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कुल 9 सेक्टरों में दुकानें: अल्फा-2, बीटा-1, बीटा-2, गामा-2, पाई 1, पाई 2, डेल्टा 1, डेल्टा 2 और सेक्टर-36 में 529 पथ विक्रेताओं के लिए छोटी-छोटी दुकानें बनाई जा चुकी हैं।
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लक्ष्य: प्राधिकरण का उद्देश्य रिहायशी सेक्टरों को अतिक्रमण से मुक्त करना और पथ विक्रेताओं को सम्मानजनक और सुरक्षित स्थान उपलब्ध कराना है।
आवंटन प्रक्रिया और मासिक किराया
प्राधिकरण लॉटरी के माध्यम से पथ विक्रेताओं को तीन वर्षों के लिए जगह आवंटित करेगा।
| श्रेणी | आवंटित स्थान | मासिक किराया | सत्यापन स्थिति |
| रेहड़ी (फल/सब्जी/फास्ट फूड) | डेढ़ से दो मीटर तक जमीन | ₹1500 | 96 विक्रेताओं का चयन; 69 ने शुल्क जमा किया; 20 से अधिक का सत्यापन पूरा |
| स्टेशनरी दुकानें | चार मीटर तक जगह | ₹5000 | --- |
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पहला चरण: लॉटरी के माध्यम से 96 पथ विक्रेताओं का चयन किया गया है, जिनमें से 69 विक्रेताओं ने निर्धारित शुल्क जमा करा दिया है।
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वेरिफिकेशन: शुल्क जमा करने के बाद चयनित विक्रेताओं का घर-घर जाकर सत्यापन किया जा रहा है। शेष प्रक्रिया तेजी से पूरी की जा रही है ताकि इसी माह आवंटन हो सके।
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लाभ: इस कदम से शहर की सड़कों और रिहायशी इलाकों में ट्रैफिक और गंदगी की समस्या कम होगी, और पथ विक्रेताओं को कानूनी पहचान और स्थिर रोजगार भी मिलेगा।
क्या आप ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के इस वेंडिंग जोन योजना के बारे में अधिक विवरण जानना चाहेंगे?