उत्तराखंड में रोपवे विकास की नई उड़ान: केदारनाथ, हेमकुंड साहिब और कैंची धाम तक कनेक्टिविटी की तैयारी

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Dec 14, 2025 - 12:25
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उत्तराखंड में रोपवे विकास की नई उड़ान: केदारनाथ, हेमकुंड साहिब और कैंची धाम तक कनेक्टिविटी की तैयारी

उत्तराखंड सरकार प्रदेश में पर्यटन और तीर्थाटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से रोपवे विकास के लिए एक महत्वाकांक्षी मास्टरप्लान पर काम कर रही है। कुल 50 रोपवे परियोजनाओं का प्रस्ताव तैयार किया गया है, जिनमें से 6 प्रमुख परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर विकसित किया जा रहा है।

रोपवे विकास के लिए गठित संचालन समिति की एक अहम बैठक मुख्य सचिव आनंद वर्धन की अध्यक्षता में आयोजित की गई, जिसमें कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

6 प्रमुख परियोजनाओं पर विशेष फोकस

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए हैं कि फिलहाल चयनित 6 प्राथमिक परियोजनाओं पर विशेष फोकस किया जाए। इनमें से दो महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट का कार्य आवंटन किया जा चुका है और जल्द ही जमीनी स्तर पर काम तेज होने की संभावना है:

  • सोनप्रयाग से केदारनाथ रोपवे

  • गोविंद घाट से हेमकुंड साहिब रोपवे

मुख्य सचिव ने इन दोनों परियोजनाओं की प्रत्येक स्टेज की स्पष्ट टाइमलाइन तय करने के भी निर्देश दिए।

कैंची धाम को जोड़ने की तैयारी

  • नई योजना: काठगोदाम से हनुमानगढ़ी मंदिर, नैनीताल तक प्रस्तावित रोपवे परियोजना में कैंची धाम को शामिल करने के निर्देश दिए गए हैं।

  • उद्देश्य: बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए कैंची धाम के लिए रोपवे की संभावनाओं पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। यह परियोजना अनुमोदन के चरण में है।

रोडमैप और तकनीकी तैयारी

बैठक में रोपवे निर्माण को लेकर मुख्य सचिव द्वारा कई आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए:

  • स्वीकृति अनिवार्य: राज्य में बनने वाले सभी रोपवे प्रोजेक्ट्स को संचालन समिति से अनिवार्य रूप से स्वीकृति लेनी होगी। इसका उद्देश्य परियोजनाओं में डुप्लीकेसी को रोकना है।

  • दीर्घकालिक रोडमैप: मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि बड़े प्रोजेक्ट्स के पूरा होने के बाद अगले 5 से 10 वर्षों में स्थानीय स्तर पर विकसित होने वाले नए पर्यटन स्थलों और मार्गों के विस्तार को ध्यान में रखते हुए अभी से एक स्पष्ट रोडमैप तैयार किया जाए।

  • स्वीकृति प्रक्रिया: वन एवं वन्यजीव से संबंधित स्वीकृतियों की प्रक्रिया को तेज करने पर जोर दिया गया।

  • इंफ्रास्ट्रक्चर: रोपवे निर्माण के लिए भारी मशीनरी को साइट तक पहुंचाने हेतु सड़कों के टर्निंग रेडियस बढ़ाने और पुलों के मजबूतीकरण के आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए।

डीपीआर प्रगति पर

प्रस्तावित 50 रोपवे परियोजनाओं में से कुछ की डीपीआर (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट) तैयार करने का काम प्रगति पर है:

  • डीपीआर तैयारी: कनकचौरी से कार्तिक स्वामी तक रोपवे की डीपीआर तैयार की जा रही है।

  • निविदा प्रक्रिया: रैथल-बारसू से बरनाला (उत्तरकाशी) और जोशीमठ-औली-गौरसों रोपवे के लिए डीपीआर तैयार करने की निविदा प्रक्रिया भी प्रगति पर है।


क्या आप इनमें से किसी विशेष रोपवे परियोजना (जैसे केदारनाथ या हेमकुंड साहिब) की टाइमलाइन या फंडिंग के बारे में अधिक जानकारी चाहेंगे?