जालौन मीनाक्षी शर्मा सिपाही ब्लैकमेलिंग: ‘मैं अकेला पीड़ित नहीं…’, अब रेप केस में फंसे सिपाही ने खोली जालौन की महिला कांस्टेबल मीनाक्षी शर्मा की कुंडली, बताया ब्लैकमेलिंग गैंग

Jalaun Meenakshi Sharma Sipahi Blackmailing: जालौन में गिरफ्तार मीनाक्षी शर्मा पर सिपाही ने ब्लैकमेलिंग गैंग चलाने का आरोप लगाया। सिपाही का दावा- झूठे रेप केस में फंसाकर मांगे थे ₹25 लाख।

Dec 8, 2025 - 18:37
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जालौन मीनाक्षी शर्मा सिपाही ब्लैकमेलिंग: ‘मैं अकेला पीड़ित नहीं…’, अब रेप केस में फंसे सिपाही ने खोली जालौन की महिला कांस्टेबल मीनाक्षी शर्मा की कुंडली, बताया ब्लैकमेलिंग गैंग

जालौन/पीलीभीत, उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में इंस्पेक्टर अरुण कुमार राय की संदिग्ध मौत के बाद गिरफ्तार हुई आरोपी महिला सिपाही मीनाक्षी शर्मा की पुरानी कारगुजारियां अब खुलकर सामने आने लगी हैं। मीनाक्षी पर इंस्पेक्टर को ब्लैकमेल करने के आरोप लगे थे, लेकिन अब एक सिपाही ने दावा किया है कि वह भी मीनाक्षी की ब्लैकमेलिंग का शिकार हो चुका है।

जालौन मीनाक्षी शर्मा सिपाही ब्लैकमेलिंग मामले में, पीलीभीत में मीनाक्षी के साथ तैनात रहे सिपाही मोहित खोखर ने चौंकाने वाला दावा किया है कि मीनाक्षी शर्मा और उसके परिवार मिलकर एक ब्लैकमेलिंग गैंग चलाते हैं और उसने कई पुलिसकर्मियों को निशाना बनाया है।


प्रेमजाल और 25 लाख की मांग

मोहित खोखर की तैनाती 2022 में पीलीभीत के पूरनपुर थाने में हुई थी, जहाँ मीनाक्षी भी तैनात थी।

  • प्रेमजाल: मोहित ने बताया कि पहले मीनाक्षी ने दोस्ती बढ़ाई, फिर नजदीकियां और बाद में शादी का दबाव बनाना शुरू कर दिया।

  • ब्लैकमेलिंग: जब मोहित प्रेमजाल में नहीं फंसा, तो मीनाक्षी ने उसके निजी वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया और ₹25 लाख रुपए की मांग की।

  • झूठा रेप केस: जब मोहित के परिवार ने पैसे देने से साफ मना कर दिया, तो मीनाक्षी ने उसके खिलाफ पीलीभीत कोतवाली में झूठा रेप का मुकदमा दर्ज करा दिया।

मोहित खोखर इस फर्जी केस के चलते दो महीने जेल में रहे। उनका दावा है कि मामला अभी कोर्ट में है, लेकिन मीनाक्षी अब तक एक भी तारीख पर पेश नहीं हुई, जिससे साबित होता है कि मामला झूठा था।


'पूरी फैमिली' चलाती है गैंग

सिपाही मोहित ने आरोप लगाया कि मीनाक्षी केवल अकेले काम नहीं करती, बल्कि उसके पिता और भाई भी इस कथित ब्लैकमेलिंग गैंग का हिस्सा हैं।

  • करोड़ों की संपत्ति: मोहित का दावा है कि इस गैंग ने ब्लैकमेलिंग के जरिए करोड़ों की अवैध संपत्ति इकट्ठी कर ली है और जो पैसा वसूला जाता है, उससे प्रॉपर्टी खरीदी जाती है।

  • अन्य शिकार: मोहित ने बताया कि वह अकेला पीड़ित नहीं है। अमरिया थाना क्षेत्र के एक वरिष्ठ उपनिरीक्षक (SSI) को भी इसी तरह प्रेमजाल में फंसाकर उनसे लाखों रुपये ऐंठे गए थे।

झूठे केस के कारण सिपाही मोहित की नौकरी, मान-सम्मान और जीवन सब बर्बाद होने की कगार पर पहुंच गया था और बाद में उसे पीलीभीत से दूसरे जिले में ट्रांसफर कर दिया गया। अब मोहित ने मांग की है कि मीनाक्षी और उसके परिवार की अवैध संपत्ति की भी गहन जांच होनी चाहिए।